भारत ने कोच्चि में ईरानी पोत को आपातकालीन ‘डॉकिंग’ की मंजूरी दी, चालक दल के ठहरने की व्यवस्था की

नयी दिल्ली,  भारत ने कोच्चि में एक ईरानी पोत को आपातकालीन स्थिति में खड़े होने की अनुमति दी है और इसके चालक दल के 183 सदस्यों के लिए ठहरने की व्यवस्था की है।  उन्होंने कहा कि ‘आइरिस लावन’ नामक पोत में तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो गईं और ईरानी पक्ष के अनुरोध के बाद एक मार्च को इसे आपातकालीन ‘डॉकिंग’ की मंजूरी दी गई।

             श्रीलंका के अपतटीय क्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो दागकर ईरानी युद्धपोत ‘आइरिस डेना’ को डुबोए जाने से कुछ दिन पहले ईरान की ओर से ‘आइरिस लावन’ के संबंध में भारत से संपर्क किया गया था।

            ‘आइरिस डेना’ भारत द्वारा आयोजित ‘मिलन’ नामक बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास में भाग लेने के बाद वापस जा रहा था। इस पर हुए हमले में कम से कम 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए।

             सूत्रों के अनुसार  श्रीलंका के दक्षिण में ‘आइरिस डेना’ पर हुए हमले से कुछ दिन पहले  ईरान ने भारत से ‘आइरिस लावन’ को शरण देने का अनुरोध किया था  जो ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू’ के लिए उस क्षेत्र में मौजूद था।

             उन्होंने बताया कि यह अनुरोध 28 फरवरी को प्राप्त हुआ था  जिसमें यह संकेत दिया गया था कि कोच्चि में रुकना अत्यावश्यक है क्योंकि पोत में तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो गई थीं।

             सूत्रों के अनुसार  पोत को एक मार्च को खड़ा होने की अनुमति दी गई और चार मार्च को यह कोच्चि में खड़ा हो गया।

             उन्होंने बताया कि इसके चालक दल के 183 सदस्य वर्तमान में कोच्चि स्थित नौसैन्य परिसरों में ठहरे हुए हैं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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