भारत ने यूएनजीए वार्ता में ‘ग्लोबल साउथ’ को समर्थन दिया, कार्ययोजना पर प्रकाश डाला

न्यूयॉर्क, भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें वर्षगांठ सत्र के तहत आयोजित एक उच्च-स्तरीय संवाद में अत्यधिक गर्मी से निपटने के लिए अपने राष्ट्रीय प्रयासों पर प्रकाश डाला जिसमें ‘हीट एक्शन प्लान’ अंतिम छोर तक डिजिटल उपकरणों का उपयोग और कम लागत वाले शीतलन समाधानों को बढ़ावा देना शामिल है।

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने प्रारंभिक चेतावनी और अत्यधिक गर्मी पर उच्च-स्तरीय समाधान संवाद में भाग लिया। विदेश मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जॉर्ज ने सत्र को संबोधित करते हुए बढ़ते वैश्विक तापमान से उत्पन्न पर्यावरणीय आपदाओं से निपटने में ‘ग्लोबल साउथ’ का समर्थन करने के लिए भागीदारों के साथ काम करने की भारत की तत्परता को रेखांकित किया।

‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं।

उन्होंने गर्मी से निपटने के लिए भारत के राष्ट्रीय प्रयासों ‘हीट एक्शन प्लान’ अंतिम छोर तक अलर्ट के लिए डिजिटल उपकरणों एवं अत्यधिक गर्मी से निपटने के वास्ते कम लागत वाले शीतलन समाधानों के उपयोग’ पर प्रकाश डाला।

जॉर्ज ने इस बात पर जोर दिया कि भारत वैश्विक जलवायु लचीलेपन को मजबूत करने के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों जोखिम न्यूनीकरण और प्रभावी आपदा प्रबंधन उपायों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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