भारत ने ECOSOC फोरम में समावेशी वैश्विक वित्तीय प्रणाली की मांग की

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘विकास के लिए वित्तपोषण’ पर 2026 ECOSOC फोरम की अनुवर्ती कार्रवाई पर हुई आम बहस में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य दिया।उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के लिए आवश्यक अनुमानित $4 ट्रिलियन के वित्तपोषण अंतर को दूर करने हेतु एक निष्पक्ष, समावेशी और विकास-उन्मुख वैश्विक वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों (IFIs) में सुधारों, ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए अधिक प्रतिनिधित्व और आवाज़, तथा विकास परिणामों में तेज़ी लाने के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के प्रभावी उपयोग का आह्वान किया।

इस बयान में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि ये उपाय ‘सेविला कमिटमेंट’ (Sevilla Commitment) को पूरा करने के लिए ज़रूरी हैं। इससे भारत की उस स्थिति को और मज़बूती मिलती है कि वैश्विक वित्तीय शासन प्रणाली को आज की वास्तविकताओं के हिसाब से बदलना चाहिए, ताकि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में न्यायसंगत और टिकाऊ विकास को बढ़ावा मिल सके।https://x.com/MEAIndia/status/2046460245279703346/photo/1

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