भारत पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने वाले चुनिंदा जी20 देशों में शामिल: सीतारमण

नयी दिल्ली , केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि भारत जी20 के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो कि जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी), पेरिस समझौते के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और जिन देशों ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई की है।

उन्होंने कान्फ्रेंस ऑफ पार्टीज के 26वें सत्र (सीओपी 26) के नामित अध्यक्ष आलोक शर्मा के साथ बैठक में कहा कि सरकार 2030 तक 450 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य पर अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठा रही है और सराहनीय गति से काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि अक्षय ऊर्जा का 100 गीगावाट पहले ही हासिल किया जा चुका है।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सीतारमण ने अन्य महत्वपूर्ण कदमो में हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन पर किए गए व्यापक कार्यों के बारे में भी विस्तार से बताया।

उन्होंने 26वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन और विशेष रूप से सीओपी 26 से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की। ब्रिटेन इस साल नवंबर में अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन सीओपी- 26 की मेजबानी करेगा।

वित्त मंत्री ने इस दौरान उम्मीद जताई कि विकसित देशों द्वारा विकासशील देशों को प्रति वर्ष 100 अरब डॉलर प्रदान करने की प्रतिबद्धता हासिल की जायेगी। उन्होंने सीओपी-26 में वित्त पर नये सामूहिक लक्ष्य को लेकर सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद भी जताई।

पेरिस समझौता जलवायु परिवर्तन पर कानूनी रूप से एक बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधि है। इसे 12 दिसंबर, 2015 को पेरिस में सीओपी 21 में 196 देशों द्वारा अपनाया गया था और 4 नवंबर, 2016 को लागू किया गया था।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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