इंदौर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शहरी क्षेत्रों में निवेश के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित करते हुए बुधवार को कहा कि राज्य सरकार शहरों को निवेश और रोजगार के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है।
यादव ने इंदौर में ‘मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ में कहा, ‘‘राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के लोगों को किफायती आवास की सुविधा देने के साथ ही शहरों को निवेश और रोजगार के प्रमुख केंद्रों के रूप में सुव्यवस्थित रूप से विकसित कर रही है।’’
उन्होंने इंदौर-उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों के रूप में विकसित किए जाने का हवाला दिया और कहा कि निजी क्षेत्र के निवेश से शहरी अवसंरचना विकास, आवास, नवीकरणीय ऊर्जा आदि क्षेत्रों में नये द्वार खुलेंगे।मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इंदौर-भोपाल-जबलपुर औद्योगिक गलियारे की परियोजना से सूबे में करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026’ शुरू की है जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों का निःशुल्क पंजीयन किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संपत्तियों के पंजीयन के बाद ग्रामीण इनके आधार पर बैंकों से कर्ज ले सकेंगे जिससे आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों के स्वच्छ वातावरण, मजबूत बुनियादी ढांचे और उद्योगपतियों के लिए आकर्षक नीतियों का हवाला देते हुए निवेशकों को आमंत्रित किया।
सम्मेलन में इंदौर आर्थिक क्षेत्र (आईईआर) के लिए नीति आयोग की योजना के साथ ही भोपाल और इंदौर की व्यावसायिक उत्तरदायित्व और स्थिरता रिपोर्ट (बीआरएसआर) पेश की गई। इसके साथ ही, नगरीय आवास एवं शहरी नियोजन, जल संसाधन प्रबंधन, भवन निर्माण और अन्य संबद्ध क्षेत्रों की नीतियों का मसौदा भी जारी किया गया।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common