नयी दिल्ली, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) को नवंबर में रूस से कच्चे तेल की खरीद घटने की आशंका है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि माल ढुलाई की बढ़ती लागत से रूसी कच्चे तेल की कीमत का लाभ कम हो रहा है जबकि पश्चिम एशिया से तेल खरीदना व्यावसायिक रूप से अधिक लाभ का सौदा हो गया है।
कंपनी के निदेशक (वित्त) वेत्सा रामकृष्ण गुप्ता ने कंपनी के तिमाही नतीजों की घोषणा के मौके पर विश्लेषकों के साथ बातचीत में कहा ‘‘हमें पूरी मात्रा मिल रही है लेकिन कुछ चुनौतियां हैं।’’ उन्होंने कहा कि माल ढुलाई की ऊंची लागत के कारण नवंबर में रूसी कच्चे तेल की खेप में काफी कमी आई है। बीपीसीएल ने जुलाई-सितंबर तिमाही में अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का करीब 37 प्रतिशत रूस से खरीदा था। वैश्विक तनाव के कारण समुद्री परिवहन मार्गों में व्यवधान आने और माल ढुलाई तथा बीमा लागत बढ़ने के बीच कंपनी ने कच्चे तेल की खरीद के स्रोतों में विविधता लाना जारी रखा है। हालांकि उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपनी रिफाइनरी का परिचालन जारी रखने के लिए पर्याप्त कच्चे तेल की व्यवस्था कर ली है।
गुप्ता ने बताया कि अक्टूबर में रूसी कच्चे तेल की कीमत मानक कीमत से 12-13 डॉलर प्रति बैरल अधिक थी जो हाल में घटकर करीब 1-2 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम पर आ गई है। ऐसे में दिसंबर में रूस से तेल खरीदना आर्थिक रूप से अधिक फायदेमंद हो सकता है। हालांकि यह माल ढुलाई लागत और खरीद को अंतिम रूप देते समय उपलब्ध पेशकश पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया से मिलने वाला कच्चा तेल रूसी तेल की तुलना में व्यावसायिक रूप से अधिक लाभदायक हो गया है और पहली तिमाही के मुकाबले इस क्षेत्र से खरीद बढ़ी है। कंपनी को अक्टूबर और नवंबर में भी पश्चिम एशिया से अधिक मात्रा में कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और प्रत्येक खेप की खरीद की लागत माल ढुलाई बीमा तथा आपूर्ति की शर्तों के आधार पर अलग-अलग होती है। उनके अनुसार स्रोत और आपूर्ति मार्ग के आधार पर बीपीसीएल की कच्चे तेल की औसत पहुंच लागत मानक कीमत से करीब 10-12 डॉलर प्रति बैरल अधिक रही। कच्चे तेल की माल ढुलाई लागत बढ़ी है जबकि पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई लागत में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हुई है। इससे रिफाइनिंग मार्जिन पर दबाव पड़ा है।
गुप्ता ने कहा कि तिमाही के दौरान सऊदी अरब से आपूर्ति में सुधार के बाद कंपनी ने पश्चिम एशिया से खरीद बढ़ाई है। हालांकि इराक और कुवैत से आपूर्ति अभी पूरी तरह सामान्य स्तर पर नहीं लौटी है। बीपीसीएल को अक्टूबर और नवंबर में पश्चिम से अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में कच्चा तेल मिलने की उम्मीद है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common