मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिंक कार्ड की समय सीमा से संबंधित दावों को ‘पूरी तरह झूठ’ बताया

नयी दिल्ली, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दावे को झूठ और दुष्प्रचार बताते हुए खारिज कर दिया कि महिला निवासियों को मुफ्त बस यात्रा के लिए दिये जाने वाले सहेली पिंक कार्ड को एक बार इस्तेमाल करने के एक घंटे बाद ही दोबारा उपयोग किया जा सकता है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नए कार्ड पूरी दक्षता के साथ काम कर रहे हैं जिससे दिल्ली की महिलाओं और ट्रांसजेंडर निवासियों को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश में कहा “ यह अफवाह फैलाई जा रही है कि अगर आप बस में एक बार अपना पिंक कार्ड ‘टैप’ (इस्तेमाल) करते हैं और फिर उतरकर दूसरी बस में चढ़ते हैं तो कार्ड काम नहीं करता। यह पूरी तरह झूठ और राजनीतिक दुष्प्रचार है।”

इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी’ (पीएनसीएम) कार्ड जारी किया था। अधिकारियों ने बताया कि अब तक एक लाख से अधिक कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। गुप्ता ने कहा कि अगर कोई महिला सवारी किसी बस में चढ़कर इस कार्ड का उपयोग करती है और पांच 10 या 15 मिनट में बस बदलती हैं तो यह कार्ड 100 फीसदी काम करेगा।

उन्होंने कहा कि महिलाएं पिंक कार्ड का चाहे कितनी ही बार और कितने ही अंतराल पर इस्तेमाल कर सकती हैं। इस योजना के तहत भाजपा सरकार ने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार द्वारा 2019 में शुरू की गई ‘पिंक’ टिकट प्रणाली को केंद्र की एक राष्ट्र एक कार्ड पहल के तहत पिंक एनसीएमसी कार्ड से बदल दिया है जिससे केवल दिल्ली की रहने वाली महिलाओं को ही मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है।

दिल्ली सरकार ने सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शहर भर में 50 अधिकृत केंद्र स्थापित किए हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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