नयी दिल्ली, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बुधवार को कहा कि पिछले वर्ष लद्दाख में चीन द्वारा यथास्थिति में एकतरफा बदलाव के प्रयास द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन था और इससे संबंधों की प्रगति को प्रभावित किया। श्रृंगला ने साथ ही कहा कि सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया के जल्द पूरा होने से वहां तनाव में कमी आएगी।
विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा ‘वैश्विक पुनर्संतुलन और भारत की विदेश नीति’ विषय पर आयोजित परिचर्चा के दौरान श्रृंगला ने क्वाड समूह का हवाला देते हुए कहा, ‘हमने अमेरिका के साथ अपने संबंधों को सावधानीपूवर्क आगे बढ़ाया है। यह एक रोमांचक एवं दूरंदेशी साझेदारी है। भारत और अमेरिका ने अन्य दूरंदेशी साझेदारी के मद्देनजर जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ साझेदारी की है।’
विदेश सचिव ने कहा कि पिछले वर्ष के दौरान लद्दाख में चीन द्वारा यथास्थिति में एकतरफा बदलाव के प्रयासों से सीमा क्षेत्र में ‘शांति गंभीर रूप से प्रभावित’ हुई।
उन्होंने कहा, ‘ इस तरह के कदम हमारे द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन हैं और इससे द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति प्रभावित हुई। हमने फिर भी स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखी है।’
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