यूरोपीय संघ ने जुंटा नेताओं समेत म्यांमा के खिलाफ प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई

ब्रसेल्स, यूरोपीय संघ ने म्यांमा में फरवरी में हुए तख्तापलट को लेकर वहां की सैन्य सरकार के नेता सीनियर जनरल मिन आंग लैंग समेत वरिष्ठ अधिकारियों और निर्वाचित सरकार को हटाने में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध को एक और साल के लिये बढ़ा दिया है।

यूरोपीय संघ (ईयू) मुख्यालय ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि ये प्रतिबंध 30 अप्रैल 2022 तक प्रभावी होंगे। इनके तहत संपत्ति के लेनदेन पर रोक, यात्रा पर रोक, हथियार पर रोक के साथ ही उन उपकरणों के निर्यात पर भी प्रतिबंध होगा जिनका इस्तेमाल सेना या पुलिस द्वारा उत्पीड़न के लिये किया जा सकता है।

बयान में कहा गया, “ प्रतिबंध में म्यांमा सशस्त्र बलों (तात्माडॉ) और सीमा सुरक्षा पुलिस को उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ ही राज्य प्रशासनिक परिषद के असैन्य सदस्यों और निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष को लक्षित किया गया है।”

इसमें कहा गया, “ईयू बर्मा के लोगों के साथ खड़ा रहेगा और उन्हें मानवीय सहायता देना जारी रखेगा।”

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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