रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जर्मनी की 3-दिवसीय यात्रा पर जाएंगे

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 21 से 23 अप्रैल, 2026 तक जर्मनी की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और अधिक मज़बूत बनाना है। अपनी यात्रा के दौरान, रक्षा मंत्री अपने जर्मन समकक्ष श्री बोरिस पिस्टोरियस और सरकार के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक सहयोग को बढ़ाना, दोनों सेनाओं के बीच आपसी जुड़ाव को मज़बूत करना और साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा ड्रोन जैसे उभरते क्षेत्रों में अवसरों की तलाश करना होगा।

दोनों रक्षा मंत्रियों की मौजूदगी में एक ‘रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप’ और ‘संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना अभियानों के प्रशिक्षण में सहयोग के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था’ पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।इस दौरे से चल रही रक्षा सहयोग पहलों की समीक्षा करने और दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिलेगा।

श्री राजनाथ सिंह के जर्मन रक्षा उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने की भी उम्मीद है, जिसका उद्देश्य ‘मेक-इन-इंडिया’ पहल के तहत संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा देना है।रक्षा मंत्री की यह यात्रा सात साल के अंतराल के बाद हो रही है। किसी भारतीय रक्षा मंत्री की जर्मनी की पिछली यात्रा फरवरी 2019 में निर्मला सीतारमण ने की थी। बोरिस पिस्टोरियस ने जून 2023 में भारत का दौरा किया था और राजनाथ सिंह के साथ विस्तृत बातचीत की थी।

भारत और जर्मनी के बीच एक मज़बूत और बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। हाल के वर्षों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करना तथा क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि में योगदान देना है।https://en.wikipedia.org/wiki/Rajnath_Singh#/media/File:2025_Rajnath_Singh_(cropped).jpg

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