मुंबई , शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निर्देशों पर काम कर रहे हैं और अंततः भगवा पार्टी में शामिल हो जाएंगे। संवाददाताओं से बातचीत में राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि राकांपा अब अजित पवार की पार्टी नहीं रह गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली राकांपा उसके संस्थापक शरद पवार की है।
राउत ने यह बयान दिल्ली में राकांपा के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच हुई बैठक के बाद दिया। इस बैठक में प्रफुल्ल पटेल सुनील तटकरे दिलीप वलसे पाटिल हसन मुश्रीफ छगन भुजबल और धनंजय मुंडे सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की।
इस बैठक में राकांपा प्रमुख और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा उनके बेटों पार्थ और जय के शामिल नहीं होने के कारण पार्टी में अंदरूनी मतभेद की अटकलें लगाई जाने लगीं।
हालांकि राकांपा ने सोमवार को पार्टी में किसी तरह के मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए बैठक को नियमित बताया। राउत ने टिप्पणी की कि अजित पवार की जनवरी में विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद राकांपा अनाथ हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया अजित पवार के गुट के सांसद और विधायक भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहे हैं और अंततः पार्टी में शामिल हो जाएंगे।
शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित राकांपा में जुलाई 2023 में उस समय विभाजन हो गया था जब अजित पवार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे। उस समय उन्हें उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने पर भी अजित पवार उपमुख्यमंत्री बने रहे।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common