नयी दिल्ली, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को कहा कि पिछले सप्ताह देश में रिकॉर्ड 256 गीगावाट से अधिक बिजली की मांग का लगभग एक-तिहाई हिस्सा सौर पवन और जलविद्युत जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा किया गया।
विद्युत मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार शनिवार 25 अप्रैल को देश में बिजली की अधिकतम मांग 256.11 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इकोनॉमिस्ट एंटरप्राइज द्वारा आयोजित ‘रेजिलिएंट फ्यूचर्स समिट’ में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि 25 अप्रैल को उच्चतम मांग के दौरान कुल बिजली उत्पादन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
उन्होंने कहा कि यह इस बात को दर्शाता है कि भारत न केवल नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन करने में सक्षम है बल्कि इसके जरिए उच्चतम बिजली मांग को संभालने में भी सक्षम है।
मंत्री ने बताया कि भारत ग्रिड के आधुनिकीकरण डिजिटलीकरण और कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी प्रौद्योगिकियों के उपयोग में निवेश कर रहा है। उन्होंने कहा “मेरा मानना है कि आने वाले दिनों में बिजली उत्पादन क्षमता में और वृद्धि होगी।”
विद्युत मंत्रालय ने मंगलवार को कहा था “भारत ने 25 अप्रैल 2026 को अपराह्न तीन बजकर 38 मिनट पर 256.1 गीगावाट की अब तक की सर्वाधिक बिजली मांग को बिना किसी कमी के सफलतापूर्वक पूरा किया। साथ ही पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात भी जारी रखा।”क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common