लक्षद्वीप, जम्मू-कश्मीर का बडगाम जिला देश में टीबी मुक्त घोषित होने वाले पहले स्थान बने : हर्षवर्धन

नयी दिल्ली, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने देशवासियों से भारत को टीबी मुक्त बनाने के प्रयास करने की अपील करते हुए बुधवार को बताया कि केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप एवं जम्मू-कश्मीर का बडगाम देश में सबसे पहले टीबी मुक्त घोषित किए जाने वाले स्थान बन गए हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे 2025 तक क्षय रोग को समाप्त करने के भारत के संकल्प को जन आंदोलन में बदलने में योगदान दें।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि हर्षवर्धन ने बुधवार को यहां डॉ. आम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में विश्व क्षय रोग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद कहा कि 2020 में टीबी से निपटने की दिशा में कुछ रुकावटें आईं, लेकिन कोविड-19 वैश्विक महामारी की चुनौती के बावजूद भारत के टीबी कार्यक्रम के तहत 18.04 लाख टीबी के मामले दर्ज किए गए।
हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘यह प्रोत्साहित करने वाली बात है कि लॉकडाउन की अवधि समाप्त होने के बाद हम कई नवोन्मेषी रणनीतियां लागू करने के बाद अपने कार्यक्रम को कोविड-19 से पहले के स्तर पर लाने में कामयाब रहे और हम प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, 2025 तक टीबी को समाप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पटरी पर लौट आए हैं।’’
उन्होंने कहा कि देशभर में कोविड-19 और टीबी की जांच के लिए किफायती (ट्रूनैट नामक) मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने बताया कि दुनियाभर के कुल टीबी मामलों के 30 प्रतिशत मामले भारत में हैं।
हर्षवर्धन ने टीबी की रोकथाम के प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले पांच साल में टीबी के लिए आवंटित बजट में चौगुनी बढ़ोतरी हुई है।
बयान में बताया गया कि टीबी सूचकांक के आधार पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों को पुरस्कृत किया गया तथा लक्षद्वीप और बडगाम जिले को टीबी मुक्त घोषित किया गया।
हर्षवर्धन ने पुरस्कार विजेताओं को पदक एवं प्रशंसा पत्र देते हुए कहा कि यह देश के लिए ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि एक केंद्रशासित प्रदेश और एक जिले को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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