वायरस के सभी स्वरूपों के खिलाफ टीकों के प्रभावी होने का भरोसा बढ़ रहा है: जॉनसन

लंदन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बुधवार को कहा कि यह मान्यता बढ़ रही है कि देश में इस समय कोविड-19 के खिलाफ सुरक्षा के लिए लगाये जा रहे टीके इस घातक वायरस के सभी स्वरूपों के खिलाफ प्रभावी हैं जिनमें सबसे पहले भारत में सामने आया इसका स्वरूप ‘बी1.617.2’ भी है।

हाउस ऑफ कॉमन्स में प्रधानमंत्री के साप्ताहिक प्रश्न सत्र के दौरान जॉनसन ने कहा कि बी1.617.2 पर नये आंकड़ों की बुधवार को समीक्षा की गयी और तेजी से फैलने वाले वायरस के इस स्वरूप से सर्वाधिक प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों के लोगों के बड़ी संख्या में टीके लगवाने का स्वागत किया।

जॉनसन ने संसद सदस्यों से कहा, ‘‘हमने आज सुबह फिर आंकड़ों पर नजर डाली और मैं सदन को बता सकता हूं कि हमारा भरोसा इस बारे में बढ़ रहा है कि टीके वायरस के भारतीय स्वरूप समेत सभी प्रारूपों के खिलाफ प्रभावी हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘विशेष रूप से इस संदर्भ में मैं बोल्टन और ब्लैकबर्न तथा अन्य कई जगहों के लोगों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं जो रिकॉर्ड संख्या में टीके लगवाने के लिए आ रहे हैं।’’

जॉनसन ने एक दिन पहले कहा था कि विशेषज्ञ बी1.617.2 के महामारी विज्ञान का विश्लेषण करने में लगातार लगे हुए हैं और ब्रिटेन को 21 जून तक के लिए निर्धारित लॉकडाउन की पाबंदियों को समाप्त करने की अपनी योजना की रूपरेखा से हटने की जरूरत नहीं है।

वायरस के भारत में सबसे पहले सामने आये स्वरूप के ब्रिटेन में आये 2,300 से अधिक मामलों से इस बात की आशंका पैदा हो गयी थी कि लॉकडाउन हटाने की कार्ययोजना लटक सकती है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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