‘विकसित भारत 2047’ युवाओं की आकांक्षाओं पर आधारित: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

तिरुवनंतपुरम  केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ का विजन भारत के युवाओं की आकांक्षाओं में निहित है।उन्होंने विज्ञान  प्रौद्योगिकी और भविष्य के लिए तैयार नवाचार से होने वाले बदलावों के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की। 

            सिंह ने यहां पांचवें पी. परमेश्वरन स्मृति व्याख्यान में इस बात पर जोर दिया कि 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा सशक्त युवा प्रतिभाओं  एक मजबूत अनुसंधान प्रणाली और साहसिक नीतिगत सुधारों पर आधारित होगी।

            विज्ञान  प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत’ देश के युवाओं को समर्पित है और केंद्र सरकार ने युवा सशक्तिकरण को शासन के केंद्र में रखा है। 

            सिंह ने प्रमुख योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए विश्वविद्यालयों व संस्थानों में अनुसंधान संस्कृति को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना  साथ ही अटल नवाचार मिशन और अटल टिंकरिंग लैब का उल्लेख किया  जो स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा और नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।

            केंद्रीय मंत्री के अनुसार  भारत ने वैश्विक नवाचार सूचकांक में उल्लेखनीय प्रगति की है  जो नवाचार और अनुसंधान के केंद्र के रूप में इसकी बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है। 

            उन्होंने कहा कि स्मार्ट मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों में  भारत शुद्ध आयातक से निर्यातक बन गया है  जो विनिर्माण क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता में एक निर्णायक बदलाव का संकेत है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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