तमिलनाडु के नेताओं ने खाड़ी देशों में रहने वाले तमिलों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई

चेन्नई, पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अनिवासी तमिल कल्याण एवं पुनर्वास विभाग को खाड़ी देशों में रहने वाले तमिलों की स्थिति जानने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि नयी दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

            खाड़ी देशों में रहने वाले तमिलों के साथ लगातार संपर्क में होने का उल्लेख करते हुए स्टालिन ने कहा कि उनकी सरकार उन्हें सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।

            मुख्यमंत्री ने 28 फरवरी को जारी एक बयान में कहा  “खाड़ी देशों में रहने वाले तमिलों को यदि मौजूदा स्थिति के कारण किसी आपातकालीन सहायता की आवश्यकता हो  तो वे स्वयं या तमिलनाडु में रहने वाले उनके परिवार के सदस्य अनिवासी तमिल कल्याण विभाग के टोल-फ्री नंबरों या नयी दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस के नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं।”

            उन्होंने सहायता मांगने वाले लोगों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भारतीय दूतावास द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

            विज्ञप्ति में कहा गया कि स्टालिन ने नयी दिल्ली स्थित नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर और अनिवासी तमिल कल्याण विभाग के नंबर भी जारी किये।

            इसी बीच  अन्नाद्रमुक के महासचिव और विपक्ष के नेता एडप्पाडी के. पलानीसामी ने केंद्र सरकार से खाड़ी देशों में रहने वाले तमिलों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय करने का आग्रह किया।           

            उन्होंने कहा  “संयुक्त अरब अमीरात सहित पश्चिम एशियाई देशों में व्याप्त तनावपूर्ण स्थिति को ध्यान में रखते हुए मैं वहां रहने और काम करने वाले हमारे सभी भारतीयों और तमिल लोगों से सुरक्षित रहने का अनुरोध करता हूं।”

            पलानीसामी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा  “मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि वह वहां रहने वाले तमिलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय करे।”

            राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने भी केंद्र से अपील की कि वह खाड़ी देशों की सरकारों से यह अनुरोध करे कि वे वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यवहार्य तरीके अपनाएं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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