विश्वास आधारित शासन का नया युग : अन्नपूर्णा देवी ने जन विश्वास संशोधन विधेयक के पारित होने पर कहा

नयी दिल्ली, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2026 के पारित होने को ‘‘विश्वास आधारित शासन का एक नया युग’’ बताया। संसद ने बृहस्पतिवार को 79 केंद्रीय कानूनों में 784 प्रावधानों में संशोधन करने वाले विधेयक को पारित कर दिया जिसका उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना व उन्हें तर्कसंगत बनाना है ताकि कारोबारी माहौल को और बेहतर बनाया जा सके तथा लोगों के उत्पीड़न पर रोक लगायी जा सके।

देवी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जन विश्वास विधेयक 2026 के तहत 1 000 से अधिक अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है और 79 केंद्रीय अधिनियमों के 784 प्रावधानों में संशोधन किए गए हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस पहल से कानूनों को सरल बनाया जा सकेगा अनुपालन का बोझ कम होगा और मामूली गलतियों पर आपराधिक कार्रवाई का डर खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा ‘‘विश्वास आधारित शासन के माध्यम से व्यापार सुगमता और जीवन सुगमता को नयी गति मिलेगी और छोटी-मोटी गलतियों के लिए अब जेल नहीं होगी।’’

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि यह विधेयक एक ऐतिहासिक सुधार है जो कारोबारी सुगमता और जीवन की सुगमता की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा “आपराधिक दंड के स्थान पर तर्कसंगत जुर्माने की व्यवस्था करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनुपालन का एक निष्पक्ष और संतुलित ढांचा पेश किया है।”

उन्होंने कहा “यह विधेयक विश्वास आधारित शासन की झलक प्रदर्शित करता है जहां छोटी-मोटी गलतियों को अपराध नहीं माना जाएगा। इससे आम नागरिकों एमएसएमई और कारोबारियों को लाभ होगा तथा भारत निवेश के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बनेगा।” प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को संसद में जन विश्वास विधेयक 2026 के पारित होने को देश में जीवन यापन और व्यापार करने में सुगमता के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बताया था।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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