विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 14 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में वियतनाम के विदेश मंत्री श्री ले होआई ट्रुंग के साथ व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर 19वीं भारत-वियतनाम संयुक्त आयोग बैठक (JCM) की सह-अध्यक्षता की।
दोनों मंत्रियों ने इस बात पर ध्यान दिया कि वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ़ वियतनाम के राष्ट्रपति महामहिम श्री तो लाम और प्रधानमंत्री के बीच बातचीत…
मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मई 2026 में भारत की राजकीय यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को नई गति दी थी।
एक सार्थक और परिणाम-उन्मुख चर्चा में, दोनों मंत्रियों ने भारत-वियतनाम ‘एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ (बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी) के तहत द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की।
उन्होंने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने के तरीकों की पहचान की, जिसमें भारतीय रक्षा उत्पादों का संयुक्त उत्पादन; व्यापार, निवेश और आपसी लाभ वाली सप्लाई चेन का विस्तार; भारतीय समुद्री और कृषि उत्पादों तथा फार्मास्यूटिकल्स के लिए बाजार तक पहुंच; वित्तीय, बंदरगाह और हवाई कनेक्टिविटी; परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में अवसर; विरासत संरक्षण; नाविकों के लिए मानकों में सहयोग; क्षमता निर्माण और लोगों के बीच आपसी संबंध शामिल हैं। उन्होंने वियतनाम में योग की बढ़ती लोकप्रियता की सराहना की। वे राजनयिक संबंधों के 55 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अगले साल को ‘भारत-वियतनाम मित्रता वर्ष’ के रूप में मनाने पर भी सहमत हुए। उन्होंने भारत की ‘इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव’ (IPOI) के तहत वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया।
दोनों पक्षों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और क्षेत्रीय तथा बहुपक्षीय मंचों पर करीबी सहयोग और समन्वय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के लगातार बढ़ते और मजबूत होते क्रम पर संतोष व्यक्त किया और आपसी सुविधा के अनुसार अगली संयुक्त आयोग की बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।
वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक प्रमुख स्तंभ है। गहरे सभ्यतागत संबंधों पर आधारित, भारत-वियतनाम ‘एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ सहयोग के स्थापित और नए क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रही है।