व्यापार हड़ताल के कारण अंडमान में सामान्य जनजीवन प्रभावित

             पोर्ट ब्लेयर, कई मांगों को लेकर एक व्यापारिक संगठन द्वारा आहूत हड़ताल के कारण राजधानी पोर्ट ब्लेयर सहित अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।

            अंडमान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसीसीआई) द्वारा बुलाई गई हड़ताल के चलते दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और वाणिज्यिक वाहन सड़कों से नदारद रहे। सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक केवल आपात सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है।

            एसीसीआई ने कहा कि बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी और पंजीकरण शुल्क में मनमानी वृद्धि सहित कई मुद्दों पर हड़ताल का आह्वान किया गया है।

            एसीसीआई के बयान में कहा गया है, ‘‘हमारे द्वीपों में व्यापार और उद्योग क्षेत्र लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। एसीसीआई ने उपराज्यपाल देवेंद्र कुमार जोशी को विभिन्न अभ्यावेदन प्रस्तुत किए थे, जिसमें द्वीप समूह के आर्थिक विकास में बाधा डालने वाले मुद्दों को हल करने के लिए उनके हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।’’

             बयान में कहा गया है, ‘‘इसके विपरीत, पंजीकरण शुल्क और बिजली दरों में पर्याप्त वृद्धि सहित कई अनुचित निर्णय बीते वर्षों में लिए गए। प्रशासन की हानिकारक नीतियों, बुनियादी ढांचे की कमी और क्षेत्र को लेकर घोर लापरवाही ने हमारे व्यवसायों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।’’

            एसीसीआई के अध्यक्ष सुरेंद्र प्रह्लादका ने कहा, ‘‘हड़ताल सफल रही क्योंकि अधिकतर व्यापारियों ने हमारी मांगों का समर्थन किया। पोर्ट ब्लेयर ही नहीं बल्कि दूर-दराज के द्वीपों में भी व्यापारिक प्रतिष्ठान सुबह से ही बंद हैं। पर्यटन गतिविधियां भी रुकी हुई हैं।’’

             इससे पहले उन्होंने कहा था कि 30 अन्य संबद्ध व्यापार संघों के साथ व्यापार निकाय ने बंद का आह्वान किया। उन्होंने द्वीप वासियों से बंद का समर्थन करने का आग्रह किया था।

             अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष और एसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष गिरीश अरोड़ा ने भी व्यापारियों के निकाय को समर्थन देने के लिए व्यापारिक समुदाय को धन्यवाद दिया।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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