कोलंबो, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने संसद को और अधिकार देने की सिफारिश करते हुए रविवार को भारत का विशेष संदर्भ दिया।
मौजूदा संवैधानिक सुधारों के संबंध में टीवी पर प्रसारित विशेष बयान में विक्रमसिंघे ने कहा कि संसद की संरचना को बदलने की जरूरत है और नयी संसद प्रणाली वेस्टमिंस्टर प्रणाली या राज्य परिषदों की मौजूदा प्रणाली में सुधार करके बनाने की जरूरत है।
‘एक्जेक्यूटिव प्रेसिडेंसी’ को समाप्त करने की सिफारिश करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले मौजूदा कानूनों को मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि संसद को वित्तीय शक्तियों पर अधिकार सौंपा जा सके। ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और भारत जैसे देशों के उदाहरण का पालन करते हुए हम मजबूत और ज्यादा मजूबत कानून की सिफारिश करते हैं।’’
फिलहाल बिना किसी रोक-टोक के देश में सबसे ज्यादा शक्तिशाली पद पर आसीन श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे पर फिलहाल इस्तीफे का दबाव बनाया जा रहा है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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