कोलंबो, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने शुक्रवार को कहा कि संकटग्रस्त श्रीलंका को अपने विकास के लिए भारत के साथ सहयोग करना होगा।
उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देशों ने उत्तर-पूर्वी तट पर त्रिंकोमाली बंदरगाह के विकास के लिए भी हाथ मिलाया है। विक्रमसिंघे त्रिंकोमाली बंदरगाह जिले की एकीकृत विकास योजना का निरीक्षण करने के लिए जिले के दौर पर थे।
उन्होंने कहा, “हमें त्रिंकोमाली बंदरगाह और तेल टैंक परिसर के विकास में भारत के साथ संयुक्त रूप से काम करना होगा।” विक्रमसिंघे ने कहा, “हमने 2003 में त्रिंकोमाली बंदरगाह समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। ट्रेड यूनियनों ने तब तेल टैंक समझौते का कड़ा विरोध किया था।”
उन्होंने कहा कि अगर भारत को तेल टैंक संचालित करने की अनुमति दी जाती तो श्रीलंका को आज ईंधन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता। साल 2003 में प्रधानमंत्री के रूप में विक्रमसिंघे ने इंडियन ऑयल कंपनी को 100,000 अमेरिकी डॉलर के वार्षिक भुगतान पर त्रिंकोमाली में 850 एकड़ में निर्मित तेल टैंक विकसित करने के लिए सम्मानित किया था।
इस तेल टैंक का निर्माण द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया गया था।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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