संसदीय समिति ने एनटीए प्रमुख को तलब किया, सुधारों और नीट पेपर लीक पर चर्चा करेगी

नयी दिल्ली, संसद की एक समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में सुधारों के कार्यान्वयन के साथ-साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी पेपर लीक मामले की समीक्षा करने का फैसला किया है और एनटीए अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी और अन्य नौकरशाहों को सवाल-जवाब के लिए बुलाया है।

राज्यसभा के एक नोटिस में कहा गया है कि शिक्षा महिला बाल युवा और खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति 21 मई को कथित पेपर लीक और एनटीए में सुधारों पर शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष नौकरशाहों से बात करेगी।

समिति के एजेंडे में एनटीए सुधारों से संबंधित के. राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट के कार्यान्वयन की समीक्षा और कथित नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच के बारे में जानकारी हासिल करने की बात शामिल है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी और एनटीए अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी को चर्चा के लिए बुलाया है।

एनटीए ने अनियमितताओं के आरोपों के बीच तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) रद्द कर दी। लगभग 23 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। उन्होंने कहा था कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा अगले साल से कंप्यूटर आधारित होगी।

यह समिति शिक्षा पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव और छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने की रणनीतियों पर भी विचार करेगी। चर्चा के लिए बुलाए गए लोगों में ‘एंथ्रोपिक इंडिया’ ‘प्रथम’ आईआईटी कानपुर इंफोसिस और आईआईटी मद्रास के प्रतिनिधि शामिल हैं। एक अलग सत्र में समिति आरक्षण रिक्तियों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन सहित संस्थानों से संबंधित मुद्दों पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग के अध्यक्ष के साथ चर्चा की जाएगी। समिति महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की अनुदान मांगों 2025-26 पर 365वीं रिपोर्ट में शामिल सिफारिशों पर सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर अपनी 379वीं रिपोर्ट पर भी चर्चा करेगी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: