छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा है कि उन्होंने मारे गए सरपंच संतोष देशमुख के परिवार से मिलने की कोशिश की थी लेकिन बीड जिले में उनके गांव के हालात को देखते हुए सरपंच के परिवार ने मिलने से मना कर दिया। बीड जिले के मसाजोग गांव के सरपंच देशमुख का नौ दिसंबर को अपहरण कर लिया गया था उन्हें प्रताड़ित किया गया था और उनकी हत्या कर दी गई थी। कथित तौर पर यह हत्या एक पवनचक्की परियोजना से जुड़ी ऊर्जा कंपनी के खिलाफ जबरन वसूली के प्रयासों को रोकने की उनकी कोशिश के कारण की गई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मंत्री और पंकजा मुंडे के चचेरे भाई धनंजय मुंडे के सहयोगी वाल्मीक कराड को जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में पंकजा मुंडे ने कहा ‘‘ मैंने संतोष देशमुख के परिवार से मिलने की कोशिश की लेकिन उन्होंने अपने गांव की स्थिति के कारण इनकार कर दिया। मेरा मसाजोग जाना और घटना पर संवेदनाएं व्यक्त करना मेरा निजी मामला है।’’ राज्य की पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मृतक सरपंच के परिवार ने उनसे कहा कि गांव के हालात उनके वश में नहीं हैं और उन्होंने उनसे वहां न आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा ‘‘ मैं उनकी अनुमति लेकर उनसे मिलने जाऊंगी। मेरे दौरे से ज्यादा महत्वपूर्ण परिवार को न्याय मिलना है।’’सरपंच का परिवार और विपक्षी दल धनंजय मुंडे को मंत्रिमंडल से बाहर करने की मांग कर रहे हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common