सामाजिक ढांचे को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स बैंक का दायरा बढ़ाने की जरूरत: गोयल

नयी दिल्ली, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सामाजिक ढांचे मसलन शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सेवाओं की आपूर्ति को मजबूत करने के लिए संसाधनों का इस्तेमाल कर ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) द्वारा स्थापित नव विकास बैंक (एनडीबी) का दायरा बढ़ाने की जरूरत है।

एनडीबी एक बहुपक्षीय विकास बैंक है। इसकी स्थापना ब्रिक्स देशों ने 100 अरब डॉलर की शुरुआती अधिकृत पूंजी के जरिये की थी। पूर्व में इसे ब्रिक्स विकास बैंक कहा जाता था।

गोयल ने बुधवार को ब्रिक्स के उद्योग मंत्रियों की पांचवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि एनडीबी की सीमा को बढ़ाने और संसाधनों का इस्तेमाल सामाजिक ढांचे विशेषरूप से शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सेवाओं की आपूर्ति के वित्तपोषण के लिए करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों मसलन इंटरनेट ऑफ थिंग्स(आईओटी), कृत्रिम मेधा, 3-डी विनिर्माण तथा तथा अन्य प्रक्रियायें ही नये जमाने के उद्योगों द्वारा इसे अपनाये जाने को किये जा रहे प्रयासों की सफलता तय करेंगे।

मंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, डाटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा की चुनौतियां हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि राष्ट्रीय नीतियों और कानूनों के अनुरूप नए प्रौद्योगिकी की ओर बदलाव का प्रबंधन किया जाए। ब्रिक्स सहयोग एजेंडा की यह प्रमुख चीज है।’’

गोयल ने कहा कि एमएसएमई द्वारा नई प्रौद्योगिकी को अपनाने की क्षमता समावेश के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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