सेना के ‘गैर-राजनीतिक’ रुख को भुनाएं राजनीतिज्ञ : अल्वी

इस्लामाबाद, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने राजनीतिज्ञों से कहा है कि वे राजनीति से सुनियोजित वापसी संबंधी सेना की प्रतिबद्धता के संकल्प को भुनाएं और देश को संकट से निकालने तथा ध्रुवीकरण से बचाने के लिए मिलकर काम करें।

अल्वी का यह बयान सेना और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच टकराव के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ की ओर से आयोजित ‘इस्लामाबाद कॉनक्लेव-2022’ के समापन सत्र को बृहस्पतिवार को संबोधित करते हुए अल्वी ने सेना के पूर्व प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें बाजवा ने लगभग सात दशकों तक राजनीति में सेना के ‘‘असंवैधानिक’’ दखल को स्वीकार करने के बाद कहा था कि सेना ने ‘गैर-राजनीतिक’ बने रहने का फैसला किया है।

पाकिस्तान के दैनिक समाचार-पत्र ‘डॉन’ ने अल्वी के हवाले से अपनी खबर में कहा, ‘‘सेना ने सार्वजनिक रूप से राजनीति से बाहर रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। अब राजनीतिज्ञों को जिम्मेदारी की भावना के साथ इस अवसर को हथियाना है।’’.

अल्वी पाकिस्तान के राष्ट्रपति बनने से पहले इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के सदस्य थे।

देश में तीव्र राजनीतिक ध्रुवीकरण के बीच अल्वी ने कहा कि राजनीतिज्ञों को सभी विवादास्पद मामलों पर बात करनी चाहिए और इस पर चर्चा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके बारे में बात न की जा सके। देश को संकटों और ध्रुवीकरण से बाहर निकालें। ’’

विदेशी संबंधों पर, उन्होंने जुड़ाव की आवश्यकता को रेखांकित किया और कहा कि यह सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है।

अल्वी ने कहा, ‘‘ देश की व्यापक सुरक्षा के लिए लोकतंत्र, रक्षा, सूचना और संचार, सुरक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता आवश्यक तत्व हैं। ’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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