स्थायी शांति का मार्ग बातचीत और आपसी सम्मान में निहित: पाकिस्तान

 इस्लामाबाद  पाकिस्तान ने शुक्रवार को दोनों देशों के बीच हालिया सैन्य संघर्ष के बारे में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि स्थायी शांति का रास्ता बातचीत और आपसी सम्मान में निहित है।

             चेन्नई में एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कहा कि भारत ने  ऑपरेशन सिंदूर  के तहत पाकिस्तान में घुसकर नौ आतंकी ठिकानों को सटीकता से ध्वस्त कर दिया।

             उन्होंने विदेशी मीडिया को चुनौती दी कि वह किसी भी भारतीय संरचना को हुए नुकसान की  एक भी तस्वीर  दिखाए  यहां तक ​​कि  कांच का एक शीशा भी टूटा हो।

             पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने यहां प्रेसवार्ता में भारतीय एनएसए की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर दावा किया  ‘‘भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की टिप्पणियां गलतबयानी से भरी हैं। ये न केवल जनता को गुमराह करने की जानबूझकर की गई कोशिश को दर्शाती हैं  बल्कि जिम्मेदार शासन-शैली के मानदंडों का भी उल्लंघन करती हैं।’’

             उन्होंने कहा  ‘‘(सैन्य) संघर्ष का महिमामंडन किसी के लिए भी लाभदायक नहीं है। स्थायी शांति का मार्ग संवाद  आपसी सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन में निहित है।’’

             उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान आगामी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेगा  लेकिन  भारतीय पक्ष के साथ हमारी किसी बैठक की योजना नहीं है।’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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