नयी दिल्ली, स्वास्थ्य बीमा कंपनियों ने वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान दायर कुल दावों में से 15 100 करोड़ रुपये या 12.9 प्रतिशत दावों को खारिज कर दिया। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) की 2023-24 वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार सामान्य तथा एकल स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के स्वास्थ्य बीमा के तहत मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के दौरान कुल 1.17 लाख करोड़ रुपये के दावों में से केवल 83 493.17 करोड़ रुपये या 71.29 प्रतिशत का भुगतान किया गया।
रिपोर्ट कहती है इसके अलावा बीमा कंपनियों ने 10 937.18 करोड़ रुपये (9.34 प्रतिशत) के दावों को खारिज कर दिया जबकि बकाया दावों की कुल राशि 7 584.57 करोड़ रुपये (6.48 प्रतिशत) थी। बीमा कंपनियों के पास 2023-24 के दौरान करीब 3.26 करोड़ स्वास्थ्य बीमा दावे आए जिनमें से 2.69 करोड़ (82.46 प्रतिशत) दावों का निपटारा किया गया।
इरडा ने कहा प्रति दावे के लिए भुगतान की गई औसत राशि 31 086 रुपये थी। निपटाए गए दावों की संख्या के संदर्भ में 72 प्रतिशत दावे टीपीए (तृतीय-पक्ष व्यवस्थापक) के जरिये निपटाए गए और शेष 28 प्रतिशत दावे आंतरिक प्रणाली के माध्यम से निपटाए गए। दावों के निपटान के तरीके के संदर्भ में कुल दावों का 66.16 प्रतिशत नकद रहित तरीके से तथा अन्य 39 प्रतिशत को प्रतिपूर्ति तरीके (मोड) से निपटाया गया।
वित्त वर्ष 2023-24 में साधारण व स्वास्थ्य बीमा कंपनियों ने व्यक्तिगत दुर्घटना और यात्रा को छोड़कर स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के रूप में 1 07 681 करोड़ रुपये एकत्र किए जो इससे पिछले वर्ष की तुलना में करीब 20.32 प्रतिशत की वृद्धि है। साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों ने व्यक्तिगत दुर्घटना तथा यात्रा बीमा के तहत जारी योजनाओं के अलावा 2.68 करोड़ स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 57 करोड़ लोगों को ‘कवर’ किया। मार्च 2024 के अंत में 25 साधारण बीमाकर्ता और आठ एकल स्वास्थ्य बीमाकर्ता थे।
सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियां न्यू इंडिया नेशनल और ओरिएंटल इंश्योरेंस विदेशों में स्वास्थ्य बीमा का कारोबार कर रही हैं। इन्होंने 2023-24 के दौरान स्वास्थ्य व्यक्तिगत दुर्घटना और यात्रा बीमा से 154 करोड़ रुपये का सकल प्रीमियम प्राप्त किया और 10.17 लाख लोगों को ‘कवर’ किया। गत वित्त वर्ष में बीमा उद्योग ने व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के अंतर्गत कुल 165.05 करोड़ लोगों को ‘कवर’ किया।
इसमें सरकार की प्रमुख योजनाओं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) और ई-टिकट यात्रियों के लिए आईआरसीटीसी यात्रा बीमा के तहत 90.10 करोड़ लोगों को ‘कवर’ किया गया।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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