नयी दिल्ली, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एक समिति का गठन किया है और उसे दक्षिण दिल्ली के छतरपुर में पेड़ों की कथित तौर पर अवैध कटाई किये जाने को लेकर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
अधिकरण छतरपुर की आंबेडकर कॉलोनी में विभिन्न खसरा नंबर के भूखंडों पर अवैध रूप से पेड़ काटे जाने के आरोप संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इसने कहा कि एक व्यक्ति ने दिल्ली वृक्ष संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करते हुए रात में पेड़ काटे।
अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने 30 जनवरी को जारी एक आदेश में कहा कि याचिका के अनुसार वन क्षेत्र अधिकारी से शिकायत की गई थी जिसके बाद पिछले साल अक्टूबर में एक निषेधाज्ञा आदेश पारित की गई लेकिन पेड़ों की अवैध कटाई जारी रही।
अधिकरण ने कहा ‘‘जमीनी स्तर पर सही स्थिति का पता लगाने के लिए हम संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) दक्षिण तथा केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि और दक्षिण दिल्ली के जिलाधिकारी की एक संयुक्त समिति नियुक्त करना उचित समझते हैं जो नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।’’
अधिकरण ने संयुक्त समिति को घटनास्थल का दौरा करने काटे गए पेड़ों की संख्या और कटाई के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का पता लगाने के साथ-साथ यदि कोई अनुमति थी तो उसकी भी पुष्टि करने का निर्देश दिया।
इसने कहा ‘‘संयुक्त समिति अपनी सिफारिशों और सुझावों के साथ तथ्यात्मक वस्तु स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। यह कार्य छह सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए और रिपोर्ट उसके तुरंत बाद दाखिल की जाए।’’
अधिकरण ने दिल्ली सरकार दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य से भी जवाब मांगा है।
मामले पर अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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