हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रकाशक जिम्मी लई के मुकदमे में होगी देरी

हांगकांग, हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रकाशक जिम्मी लई के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक मुकदमे की सुनवाई मंगलवार को फिर से टल गई। उन्हें मुकदमे में एक ब्रिटिश वकील की सेवा लेने से रोकने के लिए चीन के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

शहर के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन पर कार्रवाई के दौरान अगस्त 2020 में गिरफ्तार किये गये जिम्मी लई राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोपों का सामना कर रहे हैं। अब बंद हो चुके लोकतंत्र समर्थक अखबार ‘एप्पल डेली’ के 75 वर्षीय संस्थापक लई को बीजिंग द्वारा लागू राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दोषी करार दिये जाने की स्थिति में उम्र कैद की सजा हो सकती है।

उन पर मुकदमे की सुनवाई मूल रूप से एक दिसंबर को शुरू होनी थी, लेकिन हांगकांग के नेता जॉन ली ने चीन की शीर्ष विधायी संस्था से इस विषय पर निर्णय करने को कहा है कि क्या ऐसे विदेशी वकीलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में पैरवी करने की अनुमति दी जा सकती है, जो आम तौर पर हांगकांग में वकालत नहीं करते हैं।

इससे कुछ घंटे पहले शहर की शीर्ष अदालत ने जिम्मी लई को मानवाधिकार मामलों के नामी वकील टिमोथी ओवेन की सेवाएं लेने की अनुमति दे दी। अगर चीन हस्तक्षेप करता है तो यह छठी बार होगा, जब सरकार अपने वादों को नजरअंदाज करेगी। चीन की सरकार ने हांगकांग की न्यायिक स्वतंत्रता और नागरिक स्वतंत्रताओं का वादा किया था।

चीन की शीर्ष विधायी संस्था के दिसंबर के अंत तक बैठक करने की संभावना है। जिम्मी लई पर हांगकांग या चीन के खिलाफ अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों में दूसरों के साथ मिलकर साजिश करने का आरोप है। उन पर विदेशी ताकतों के साथ साठगांठ कर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का भी आरोप है। इसके अलावा उनपर राजद्रोह का भी आरोप है।

अनधिकृत सभाओं में भूमिका निभाने के लिए 20 महीने की जेल की सजा पूरी करने के बाद लई को धोखाधड़ी के आरोप में शनिवार को पांच साल और नौ महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Associated Press (AP)

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