नयी दिल्ली हॉकी इंडिया ने कहा कि जूनियर महिला टीम के एक कोच के खिलाफ यौन दुराचार के आरोपों की उसकी आंतरिक जांच में कोई सबूत नहीं मिला है और उन्हें चिली के सैंटियागो में होने वाले विश्व कप के लिए टीम के साथ यात्रा करने की अनुमति दे दी गई है।
हॉकी इंडिया ने पीटीआई को जारी एक विशेष बयान में कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में लगाए गए कथित आरोपों के बाद उसने जांच कराई थी। हालांकि महासंघ ने कहा कि हॉकी इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) को इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली थी।
हॉकी इंडिया के बयान में कहा गया ‘‘कुछ मीडिया रिपोर्ट में भारतीय जूनियर महिला टीम में यौन दुराचार की बात कही गई थी। हालांकि हॉकी इंडिया को कोई आधिकारिक शिकायत या कोई भी आरोप सिद्ध करने वाली जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। ’’
इसके अनुसार ‘‘इसके बावजूद 2013 के पीओएसएच अधिनियम के तहत आंतरिक शिकायत समिति ने शुक्रवार को इन मीडिया रिपोर्टों के आधार पर एक जांच की। ’’ हॉकी इंडिया ने कहा कि समिति ने चिली (जहां टूर्नामेंट एक दिसंबर से शुरू होगा) जाने वाली टीम के सभी सदस्यों से अलग-अलग बात की और उन्हें किसी भी तरह की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला।
बयान में कहा गया ‘‘खिलाड़ियों ने साथ जाने वाले कोच और सहयोगी स्टाफ पर पूरा भरोसा जताया। हॉकी इंडिया का यौन उत्पीड़न या यौन दुराचार के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता‘ (जीरो टॉलरेंस) का रुख है और वह खिलाड़ियों विशेषकर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उच्च मानक बनाए रखता है। ’’ महासंघ ने कहा कि उसने अपनी मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत महिला सहयोगी स्टाफ की तैनाती भी सुनिश्चित की है। हॉकी इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दोहराया कि किसी भी खिलाड़ी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है और बताया कि संबंधित कोच टीम के साथ यात्रा करेगा।
अधिकारी ने पीटीआई से कहा ‘‘हमें कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) को कोई शिकायत नहीं मिली है। फिर भी हमने विस्तृत आंतरिक जांच की और सभी खिलाड़ियों से बात की लेकिन कुछ भी सामने नहीं आया। ’’
उन्होंने कहा ‘‘हम लगातार मंत्रालय के संपर्क में हैं जिसने पुष्टि की है कि उसे कोई लिखित या औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर साइ ने कभी हमसे कोच को रोकने के लिए नहीं कहा। ’’ खेल मंत्रालय ने भी कोई शिकायत मिलने से इनकार किया।
मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा ‘‘हमें साइ और टॉप्स को कोई लिखित या औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। हमारे अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से खिलाड़ियों से बात की है और उनमें से किसी ने भी कुछ नहीं बताया। ’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया