भारत-CARICOM विदेश मंत्रियों की बैठक 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान हुई, जिसकी सह-अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर और सूरीनाम के विदेश मामलों, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और सहयोग मंत्री मेल्विन डब्ल्यू.जे. बौवा ने की। यह बैठक नवंबर 2024 में गुयाना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैरिबियन समुदाय (CARICOM) देशों के नेताओं के बीच हुई दूसरी भारत-CARICOM समिट के बाद हुई।
इस बैठक में बारबाडोस, डोमिनिका, बहामास, गुयाना, जमैका, सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइन्स, त्रिनिदाद और टोबैगो, सूरीनाम, हैती, सेंट लूसिया, सेंट किट्स और नेविस, और एंटीगुआ और बारबुडा के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। ग्रेनाडा का प्रतिनिधित्व वहां के वित्त मंत्री ने किया, जबकि बेलीज का प्रतिनिधित्व उसके विदेश मंत्रालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने किया।
CARICOM की महासचिव कार्ला नताली बार्नेट भी इसमें शामिल हुईं।बैठक के दौरान, भारत और CARICOM देशों ने अपने सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष जताया और राजनीतिक जुड़ाव को गहरा करने तथा व्यापार और निवेश को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।दोनों पक्षों ने कृषि और खाद्य सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, जलवायु के प्रति लचीलापन और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग की भी समीक्षा की।जयशंकर ने भारत और कैरिबियाई देशों के बीच साझा इतिहास और विकास से जुड़ी समान चुनौतियों से उपजी एकजुटता पर ज़ोर दिया।उन्होंने बताया कि भारत द्वारा शुरू किए गए लघु और मध्यम उद्यम प्रोजेक्ट और ‘क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट’ कई कैरिबियाई देशों में पूरे हो चुके हैं, जबकि अन्य देशों में इन पर काम चल रहा है।
भारत ने CARICOM साझेदारों को दी गई स्वास्थ्य सेवा सहायता पर भी प्रकाश डाला। जयशंकर ने कहा कि भारत ने कुछ कैरिबियाई देशों में कृत्रिम अंग लगाने के कैंप आयोजित किए हैं, हीमोडायलिसिस यूनिट उपलब्ध कराई हैं और कॉम्पैक्ट ‘भीष्म क्यूब’ (BHISHM Cube) मेडिकल यूनिट की आपूर्ति की है।विदेश मंत्री ने CARICOM सदस्यों से भारत द्वारा पेश किए गए ट्रेनिंग स्लॉट का ज़्यादा से ज़्यादा लाभ उठाने का आग्रह किया और कहा कि नई दिल्ली साझेदार देशों द्वारा पहचाने गए क्षेत्रों में विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करने के लिए भी तैयार है।ऊर्जा और जलवायु के क्षेत्र में सहयोग भी चर्चा का एक अहम हिस्सा था।
जयशंकर ने पूरे कैरिबियन क्षेत्र में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के भारत के प्रयासों पर ज़ोर दिया और CARICOM देशों को ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ और ‘ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस’ में शामिल होने पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया।उन्होंने आर्थिक सहयोग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी के क्षेत्रों में भारत और CARICOM के बीच और गहरे जुड़ाव का भी आह्वान किया।CARICOM प्रतिनिधियों ने इस क्षेत्र में भारत की विकास साझेदारी और ‘साउथ-साउथ सहयोग’ को मज़बूत करने में उसके योगदान को स्वीकार किया।भारत और CARICOM ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग पर भी चर्चा की।
दोनों पक्ष संयुक्त राष्ट्र में सुधार, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद-रोधी प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय अपराध जैसे मुद्दों पर मिलकर काम जारी रखने पर सहमत हुए।बैठक के दौरान, CARICOM के सह-अध्यक्ष ने 2028-29 के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने के समूह के फ़ैसले की जानकारी दी।जयशंकर ने समर्थन के लिए CARICOM देशों का धन्यवाद किया और कहा कि भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की मज़बूत आवाज़ बना रहेगा। https://x.com/DrSJaishankar/status/2102910988076912843/photo/1