टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TDF) योजना के तहत, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइज़ेशन (DRDO) ने स्वदेशी प्रयासों के लिए इंडस्ट्री (स्टार्ट-अप) ‘ज़ीरो mK इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ पहले हाई-वैल्यू डीप टेक प्रोजेक्ट समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।क्वांटम एप्लीकेशन के लिए 20 mK डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर का विकास। यह समझौता नई दिल्ली में TDF के डायरेक्टर और ज़ीरो mK इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (अलवर, राजस्थान) के बीच हुआ।
यह 500 करोड़ रुपये के उस फंड के तहत पहला बड़ा समझौता है, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीप-टेक और अत्याधुनिक प्रोजेक्ट्स के लिए मंज़ूरी दी थी।डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर खास तरह के क्रायोजेनिक सिस्टम होते हैं जो मिलीकेल्विन रेंज में बहुत कम तापमान तक पहुँच सकते हैं। कई क्वांटम कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म और उनसे जुड़ी क्वांटम टेक्नोलॉजी के संचालन और टेस्टिंग के लिए ऐसा बहुत कम तापमान वाला माहौल ज़रूरी होता है।20 mK-क्लास डाइल्यूशन रेफ्रिजरेटर का स्वदेशी विकास ‘नेशनल क्वांटम मिशन’ के अनुरूप है और क्वांटम टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड क्रायोजेनिक्स और रणनीतिक टेक्नोलॉजी में भारत की क्षमताओं को मज़बूत करता है, जिससे एक आत्मनिर्भर और क्वांटम-रेडी इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलती है।
इससे आयातित क्रायोजेनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम होगी और घरेलू क्वांटम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम मज़बूत होगा।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, इंडस्ट्री और इस अहम प्रोजेक्ट से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स की तारीफ़ की है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह साझेदारी उभरती हुई टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में भविष्य के DRDO-इंडस्ट्री सहयोग के लिए एक अहम मिसाल कायम करेगी।इस पहल से जुड़ी टीमों को बधाई देते हुए, रक्षा सचिव और सचिव (रक्षा R&D विभाग) तथा DRDO के चेयरमैन राजेश कुमार सिंह ने प्रोजेक्ट के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
इस मौके पर डायरेक्टर जनरल (माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस एंड कंप्यूटेशनल सिस्टम एंड साइबर सिक्योरिटी – DG MCC), डायरेक्टर जनरल (टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट – DG TM), डायरेक्टर (सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी – SSPL) और अन्य स्टेकहोल्डर्स मौजूद थे। इस प्रोजेक्ट की निगरानी, मार्गदर्शन और सहायता SSPL के डायरेक्टर और उनकी टीम कर रही है। https://x.com/SpokespersonMoD/status/2103127160303346071/photo/1