FSSAI ने जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के रखरखाव, भंडारण और परिवहन पर एडवाइजरी जारी की

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें निर्देश दिया गया है कि जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के रखरखाव, भंडारण और परिवहन के दौरान तय तापमान और स्वच्छता के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।15 अक्टूबर, 2026 की अपनी एडवाइजरी में, FSSAI ने इस बात पर चिंता जताई है कि खोया, पनीर, मांस और मछली जैसी जल्दी खराब होने वाली खाद्य वस्तुओं को बिना उचित तापमान नियंत्रण के रखा, जमा या ले जाया जा रहा है।

प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि भंडारण की गलत स्थितियों के कारण इनमें सूक्ष्मजीव (microbes) पनप सकते हैं और ये खराब हो सकते हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो सकता है।FSSAI ने बताया कि ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011’ की अनुसूची 4 (Schedule 4) के तहत, खाद्य व्यवसायों को पूरी आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) के दौरान तय तापमान बनाए रखना अनिवार्य है। इसमें खरीद, चिलिंग (ठंडा करना), परिवहन, भंडारण, वितरण और उपभोक्ताओं तक डिलीवरी शामिल है।

इस सलाह में खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री में लगे व्यवसायों को स्वच्छ, ढके हुए और स्वास्थ्यकर वाहनों का उपयोग करने, उचित तापमान बनाए रखने और खाद्य-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसमें विशेष रूप से बोरी या अन्य अनुपयुक्त आवरणों के उपयोग से बचने की सलाह दी गई है जो खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं।खाद्य संचालकों को भंडारण, लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन के दौरान उत्पादों को धूल, नमी, कीटों, भौतिक क्षति और क्रॉस-संदूषण से बचाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्हें खेपों का उचित रिकॉर्ड और ट्रेसबिलिटी बनाए रखनी चाहिए और सक्षम अधिकारियों द्वारा अनुरोध किए जाने पर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने चाहिए।

FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों, भारतीय रेलवे और इसके क्षेत्रीय निदेशकों से कहा है कि वे लाइसेंसिंग अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दें कि वे निरीक्षण और परिवहन जांच के दौरान कड़ी निगरानी रखें।एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ (Food Safety and Standards Act, 2006) और इसके तहत बने नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें खाद्य उत्पादों को जब्त करना और नष्ट करना भी शामिल है।https://x.com/fssaiindia/photo

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