केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) पर बहस करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।हरियाणा के करनाल में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए, शाह ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कांग्रेस नेता को चुनौती दी कि अगर वे सच में SIR पर बहस करना चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखें। उन्होंने कहा कि इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। शाह ने कांग्रेस पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाया और बताया कि 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान, जब पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, तब SIR (मतदाता सूची संशोधन) नहीं किया गया था।
उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र में कांग्रेस की हार का भी जिक्र किया और इन आरोपों को खारिज कर दिया कि पार्टी की चुनावी हार का संबंध मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया से है।गृह मंत्री ने कांग्रेस और विपक्षी ‘INDI’ गठबंधन पर आरोप लगाया कि वे मतदाताओं के बजाय घुसपैठियों को बचाने के लिए रैलियां आयोजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का दृष्टिकोण तीन सिद्धांतों पर आधारित है: पहचान करना (Detect), नाम हटाना (Delete) और वापस भेजना (Deport)।
इसमें घुसपैठियों की पहचान करना, मतदाता सूची से उनके नाम हटाना और उन्हें उनके देश वापस भेजना शामिल है।शाह ने राहुल गांधी के नेतृत्व की भी आलोचना की और दावा किया कि कांग्रेस के विधायकों (MLAs) की संख्या 2007 में लगभग 1,200 थी, जो 2022 तक घटकर 600 रह गई है।उन्होंने इसकी तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विधायिकाओं में भाजपा के बढ़ते प्रतिनिधित्व से की।https://x.com/BJP4Haryana/status/2118260307751743993/photo/1