चंडीगढ़, कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने शुक्रवार को, पंजाब की आबकारी नीति की जांच की मांग की और कहा कि इस नीति की वजह से कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए सैकड़ों स्थानीय शराब दुकानदारों का व्यवसाय बर्बाद हो गया है।
खैरा के बयान से पहले, दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने नियमों की अनदेखी के आरोपों के चलते राष्ट्रीय राजधानी सरकार की आबकारी नीति की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से करवाने की संस्तुति प्रदान की है। खैरा ने यहां दिए बयान में कहा कि सीबीआई जांच पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल “अपना उत्पीड़न होने का नाटक कर रहे हैं।” खैरा, अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं।
उन्होंने कहा, “यह एक विडंबना है कि जहां एक तरफ केजरीवाल दिल्ली में अपने उत्पीड़न का नाटक कर रहे हैं और भ्रष्टाचार के आरोपी अपने मंत्रियों को क्लीन चिट दे रहे हैं, वहीं, पंजाब में उनकी सरकार राजनीतिक विरोधियों के प्रति बदले की भावना से भ्रष्टाचार के आधारहीन मामलों के आरोपों का अभियान चला रही है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब की आबकारी नीति की भी जांच करवाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति इस तरह बनाई गई है कि आम आदमी पार्टी नेतृत्व के कुछ करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य के पूरे शराब कारोबार को उन्हें सौंपा जा सके।
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