जम्मू, जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) तेजिंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि पुलिस केंद्र शासित प्रदेश में शांति बनाए रखने के लिए ‘नार्को-टेररिज्म’ एवं मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए आतंकवाद के तंत्र तथा छिपे हुए आतंकवादियों को निशाना बनाना जारी रखेगी। सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान आतंकवादी संगठनों में भर्ती में कमी आई है तथा जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।
पुलिस महानिरीक्षक ने यहां पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा ‘‘आने वाले दिनों में हमारे प्रयास आतंकवाद के तंत्र को निशाना बनाने और छिपे हुए आतंकवादियों को ढूंढ़ निकालकर उन्हें खात्मे पर केंद्रित होंगे। हम शांति और सौहार्द की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए भी काम करेंगे।’’ आईजीपी ने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करेगी तथा मादक पदार्थों के खिलाफ अपने अभियान को तेज करेगी।
उन्होंने कहा ‘‘सुरक्षा के दृष्टिकोण से चाहे वह सीमा हो नियंत्रण रेखा (एलओसी) हो या आंतरिक सुरक्षा का पहलू हो हम सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करेंगे तथा शांति-सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।’’ आईजीपी ने कर्तव्य के निर्वाहन के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बल उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और वे पुलिस परिवार का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा ‘‘देश के लिए प्राण न्योछावर करने से बड़ा कोई बलिदान नहीं हो सकता। हम हर समय अपने कर्मियों के परिवारों के साथ खड़े हैं।’’ सिंह ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में परेड की सलामी ली।
उन्होंने ‘रेल हेड’ इलाके में स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर क्षेत्र की सुरक्षा में अपना कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। सिंह ने आतंकवाद और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मादक पदार्थों के खतरे से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 तक इसे जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने लोगों से पुलिस हेल्पलाइन या सीधे पुलिस के साथ जानकारी साझा करने का आग्रह करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा ‘‘मादक पदार्थों के धंधे में शामिल लोग विशेष रूप से पाकिस्तान से पहुंच रही हेरोइन की तस्करी करने वाले हमारे लिए आतंकवादियों से कम खतरनाक नहीं हैं।’
’ आईजीपी ने कहा कि 2029 तक सरकार के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आतंकवाद के तंत्र और ‘नार्को-टेररिज्म’ को निशाना बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। नार्को-टेररिज्म का अर्थ अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों के वित्तपोषित में करना है। सिंह ने शहजाद नार्को नेटवर्क और गैंगस्टर गतिविधियों सहित मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर कहा कि पुलिस कड़ी नजर रख रही है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।
उन्होंने मादक पदार्थ रोधी अभियान के बारे में कहा कि संपत्तियों को जब्त करने और बरामदगी करने से जुड़ी यह मुहिम लगातार जारी है तथा हाल में कुछ अतिरिक्त बरामदगियां भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के बलिदान और शहादत के प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही होगी कि भविष्य में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति को रोका जाए।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common