विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 20 अक्टूबर, 2026 को मुंबई में UAE के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।
जयशंकर ने इस मुलाकात को काफी सार्थक बताया और कहा कि दोनों पक्षों ने अपने व्यापक द्विपक्षीय संबंधों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सहयोग का बढ़ता दायरा ‘भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) की प्रगति को दर्शाता है।बैठक की शुरुआत में, जयशंकर ने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में हुई वृद्धि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (CEPA) पर हस्ताक्षर होने के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है।
उन्होंने बताया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के बावजूद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश में लगातार वृद्धि हुई है, जो दोनों देशों के व्यवसायों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग के बढ़ते रणनीतिक महत्व पर भी जोर दिया।
वर्ष 2026 में दोनों देशों के बीच लगातार हुई उच्च-स्तरीय मुलाकातों का जिक्र करते हुए, जयशंकर ने जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद की भारत यात्रा और फरवरी में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद की भागीदारी को याद किया।
और 18वां ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन, तथा मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की आठवीं यात्रा।विदेश मंत्री ने खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी चिंता जताई और क्षेत्रीय चुनौतियों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाने के प्रयासों का समर्थन करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
उन्होंने क्षेत्रीय अनिश्चितताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा और उर्वरकों की आवाजाही को मुक्त, सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।जयशंकर ने UAE में रहने वाले भारतीय समुदाय के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए वहां के नेतृत्व के प्रयासों को सराहा, और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक तथा लोगों के आपसी संबंधों के लगातार मजबूत होने की प्रशंसा की।विदेश मंत्री ने कहा कि एक दशक से अधिक के निरंतर जुड़ाव ने भारत-UAE संबंधों को एक ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के रूप में विकसित होने में मदद की है, जिसमें आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार हुआ है।https://x.com/DrSJaishankar/status/2112487526145646861/photo/1