श्रीनगर, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के कथित दुरुपयोग और पर्यटन तथा केंद्र शासित प्रदेश के बागवानी उद्योग को हुए नुकसान पर चर्चा होनी चाहिए।
मुफ्ती ने पूछा कि महीने के शुरुआती दिनों से अवरुद्ध एक प्रमुख राजमार्ग को अभी तक बहाल क्यों नहीं किया गया है।
मुफ्ती ने पूछा “विधानसभा को राजमार्ग बंद होने से बागवानी क्षेत्र को हुए नुकसान पर चर्चा करनी चाहिए। उमर अब्दुल्ला ने राजमार्ग बंद होने के 20 दिन बाद नितिन गडकरी को फोन किया था। यह फोन पहले क्यों नहीं किया जा सका ”
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा ‘‘किसानों को हुए नुकसान का जिम्मेदार कौन है क्या भरपाई के लिए कोई पैकेज पेश किया जाएगा क्या किसानों का कर्ज माफ होगा इन बातों पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले के बाद से पर्यटन में गिरावट आई है और जिन लोगों की आय पर्यटन पर निर्भर करती है वे निराश हैं।
मुफ्ती ने कहा कि जन सुरक्षा अधिनियम को निरस्त करना उमर अब्दुल्ला सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं है लेकिन आगामी सत्र में विधानसभा में इस पर गहन चर्चा की जा सकती है।
उन्होंने कहा ‘‘यदि एक विधायक (मेहराज मलिक) पर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के लिए पीएसए के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है तो आप आम लोगों के खिलाफ आरोपों की कल्पना कर सकते हैं।’’
मुफ्ती ने कहा कि उमर अब्दुल्ला सरकार को उन गरीब बंदियों को कानूनी सहायता प्रदान करनी चाहिए जो अपनी हिरासत को चुनौती दे पाने में असमर्थ हैं।
उन्होंने कहा ‘‘उमर साहब ने मेहराज मलिक को पीएसए के तहत हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें कानूनी मदद की पेशकश की थी। मेहराज मलिक को मदद की जरूरत नहीं है लेकिन उमर अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर के गरीब बंदियों की मदद करनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जेल में बंद अलगाववादी नेता मोहम्मद यासीन मलिक के लिए आवाज उठानी चाहिए।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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