दिल्ली में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि मतदाता सूची के मसौदे (ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल) में छूट गए मतदाताओं को शामिल किया जा सके

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने ड्राफ्ट मतदाता सूची में छूट गए मतदाताओं को शामिल करने के लिए एक विशेष अभियान की घोषणा की है। 6 नवंबर, 2026 के एक प्रेस नोट में, कार्यालय ने बताया कि इस कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रहे।

प्रेस नोट के अनुसार, दिल्ली के वे मतदाता जिन्हें 30 जून, 2026 से 17 अगस्त, 2026 तक चले ‘एन्यूमरेशन चरण’ (गणना चरण) के दौरान एन्यूमरेशन फॉर्म दिए गए थे, लेकिन जिन्हें ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट) के रूप में चिह्नित किए जाने के कारण ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सका था, उन्हें अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने का एक और मौका दिया जाएगा।

कार्यालय ने कहा कि ऐसे सभी मतदाता अपने वर्तमान निवास स्थान से संबंधित ERO (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) या AERO (सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) के पास अपना भरा हुआ एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर सकते हैं। ऐसे ASDD मतदाताओं के लिए अधूरे भरे गए एन्यूमरेशन फॉर्म फिर से तैयार किए जाएंगे। साथ ही, मतदाता अपनी वेबसाइट या ECINET ऐप के जरिए भी अपना एन्यूमरेशन फॉर्म डाउनलोड या भर सकते हैं। इसके लिए उन्हें वही EPIC नंबर दर्ज करना होगा जो उनका नाम हटाए जाने से पहले था।

प्रेस नोट में बताया गया है कि BLO (बूथ स्तर के अधिकारी) विभिन्न राजनीतिक दलों के BLA (बूथ स्तर के एजेंटों) के साथ मिलकर ऐसे मतदाताओं से संपर्क करने की पूरी कोशिश करेंगे। इसके लिए वे घर-घर जाकर, पड़ोसियों, परिवार के सदस्यों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) से पूछताछ करके, तथा जहां संभव हो, उपलब्ध संपर्क नंबरों का उपयोग करके उनसे संपर्क करेंगे। वे इन मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया और उपलब्ध तरीकों के बारे में भी मार्गदर्शन देंगे।

इसमें आगे कहा गया है कि यदि किसी मतदाता ने अपना निवास स्थान नहीं बदला है, तो वह अपना भरा हुआ और हस्ताक्षरित एन्यूमरेशन फॉर्म, ‘एनेक्सचर-B’ (परिशिष्ट-B) में दिए गए एक बयान के साथ संबंधित ERO, AERO या BLO को जमा कर सकता है। इस बयान में पहले एन्यूमरेशन फॉर्म जमा न कर पाने का कारण बताना होगा। यह फॉर्म खुद जाकर या परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से जमा किया जा सकता है। ऐसे मतदाताओं के लिए ECINET पर ई-साइन (e-sign) के साथ एन्यूमरेशन फॉर्म ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। जिन मामलों में ASDD के रूप में चिह्नित कोई मतदाता राज्य के भीतर ही किसी दूसरे स्थान पर रहने चला गया है, उसे फॉर्म-8 जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, मतदाता को ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ (गणना फॉर्म) के साथ ‘एनेक्सचर-C’ (परिशिष्ट-C) के रूप में एक बयान जमा करना होगा, जिसमें नए पते और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का उल्लेख हो।

कार्यालय ने बताया कि आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य को, इस फॉर्म और बयान पर हस्ताक्षर करके, पते के प्रमाण के साथ उस विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के संबंधित ERO या AERO के पास जमा करना होगा, जहाँ मतदाता अब रहने चला गया है। साथ ही, ऐसे मतदाता ECI की वेबसाइट और ECINET ऐप पर उपलब्ध “बुक अ कॉल विद BLO” सुविधा के ज़रिए, अपने नए इलाके के बूथ के BLO से संपर्क करके मदद ले सकते हैं। बेघर लोगों के मामले में, जिनके पास कोई दस्तावेज़ नहीं है, BLO द्वारा दी गई ‘फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट’ (क्षेत्र सत्यापन रिपोर्ट) को ही पते के प्रमाण के तौर पर स्वीकार कर लिया जाएगा।

प्रेस नोट में कहा गया है कि ऐसे मतदाताओं से प्राप्त सभी ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ और उनके साथ दिए गए बयानों को, ‘रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960’ (मतदाता पंजीकरण नियम, 1960) के नियम 21(1) के अनुसार, उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित ERO द्वारा प्रोसेस किया जाएगा और उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस मतदाता ने SIR (विशेष पुनरीक्षण) के दौरान नए पंजीकरण के लिए पहले ही फॉर्म-6 जमा कर दिया है, उसे दोबारा ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ और बयान जमा करने की ज़रूरत नहीं होगी।

फॉर्म की प्रोसेसिंग, 3 नवंबर 2026 को आयोग द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के अनुसार की जाएगी।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि इन निर्देशों को लागू करने की प्रक्रिया, भारत निर्वाचन आयोग के परामर्श से तैयार की जा रही है और इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा।

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