दिल्ली-NCR में GRAP चरण III की पाबंदियां लागू

हवा की खराब होती गुणवत्ता और आने वाले दिनों में प्रदूषण के स्तर के ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंचने के पूर्वानुमान को देखते हुए, ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) के चरण III के तहत सभी पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं।

यह निर्णय CAQM की GRAP उप-समिति ने 6 नवंबर, 2026 को अपनी बैठक में लिया। यह फैसला हवा की मौजूदा गुणवत्ता और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) तथा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) द्वारा जारी पूर्वानुमानों की समीक्षा के बाद लिया गया।

CAQM के अनुसार, 6 नवंबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया, जो इसे ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में रखता है। आयोग ने पाया कि प्रतिकूल मौसमी स्थितियों के कारण प्रदूषक तत्व ठीक से फैल नहीं पा रहे हैं। वहीं, पूर्वानुमानों से संकेत मिला है कि AQI और खराब होकर ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में जा सकता है।

GRAP का चरण III (Stage III) तब लागू होता है जब दिल्ली का AQI 401 से 450 के बीच होता है। हालांकि, हवा की गुणवत्ता को और अधिक खराब होने से बचाने के लिए, आयोग ने एहतियाती कदम के तौर पर ये प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

चरण III के ये उपाय, 21 अक्टूबर और 2 नवंबर, 2026 के आदेशों के तहत पहले से लागू चरण I और चरण II के प्रतिबंधों के अतिरिक्त लागू रहेंगे।

चरण III के तहत, पूरे NCR में धूल पैदा करने वाली निर्माण और तोड़फोड़ (demolition) गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें खुदाई, मिट्टी का काम, पाइलिंग, ड्रिलिंग, तोड़फोड़, ईंट और चिनाई का काम, रेडी-मिक्स कंक्रीट बैचिंग प्लांट का संचालन, बड़े पैमाने पर वेल्डिंग और गैस-कटिंग का काम, पेंटिंग, पॉलिशिंग, वार्निशिंग, प्लास्टरिंग और सीमेंट कोटिंग शामिल हैं।

इन प्रतिबंधों में टाइल्स, पत्थरों और फर्श की अन्य सामग्रियों को काटना, घिसना और लगाना; खुली खाइयों के जरिए सीवर लाइन, पानी की पाइपलाइन, ड्रेनेज सिस्टम और बिजली के केबल बिछाना; तथा सड़क निर्माण और सड़कों की बड़ी मरम्मत का काम भी शामिल है। कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री या तोड़फोड़ से निकले मलबे को ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है।

निर्माण स्थलों के अंदर या बाहर धूल पैदा करने वाली सामग्रियों—जैसे सीमेंट, फ्लाई ऐश, ईंटें, रेत, मुरम, कंकड़ और कुचले हुए पत्थर—को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने, लादने या उतारने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग कार्यों के लिए जरूरी छोटी-मोटी वेल्डिंग, घर के अंदर की छोटी-मोटी मरम्मत और रखरखाव, तथा सड़कों के गड्ढों की मरम्मत की अनुमति जारी रहेगी। CAQM ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य, जिनसे अपेक्षाकृत कम धूल और प्रदूषण होता है, जारी रखे जा सकते हैं, बशर्ते वे निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों तथा धूल-नियंत्रण के निर्धारित उपायों का सख्ती से पालन करें।

कुछ आवश्यक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है। इनमें रेलवे और मेट्रो परियोजनाएं, हवाई अड्डे, अंतर-राज्य बस टर्मिनल, राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परियोजनाएं, अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं, तथा सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं (जैसे राजमार्ग, सड़कें, फ्लाईओवर, पुल, बिजली पारेषण और वितरण, पाइपलाइन और दूरसंचार) शामिल हैं।

स्वच्छता से जुड़ी परियोजनाएं, जिनमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और जलापूर्ति परियोजनाएं शामिल हैं, तथा इन आवश्यक परियोजनाओं में सीधे तौर पर सहायक अन्य गतिविधियां भी जारी रखी जा सकती हैं, बशर्ते प्रदूषण-नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।

आयोग ने पूरे NCR में सभी स्टोन-क्रशिंग (पत्थर तोड़ने के) कार्यों को बंद करने का भी आदेश दिया है। पूरे क्षेत्र में खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है।

स्टेज III के उपायों में वाहनों पर पाबंदियां एक अहम हिस्सा हैं। दिल्ली सरकार और पड़ोसी NCR राज्यों की सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद तथा गौतम बुद्ध नगर जैसे अधिक वाहनों वाले जिलों में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल (या उससे पुराने) चार-पहिया हल्के मोटर वाहनों की आवाजाही पर सख्त पाबंदियां लगाएं।

दिव्यांग व्यक्तियों को BS-III पेट्रोल या BS-IV डीजल वाले हल्के मोटर वाहनों के इस्तेमाल में छूट दी गई है, बशर्ते इन वाहनों को विशेष रूप से उनके उपयोग के लिए तैयार किया गया हो और इनका इस्तेमाल केवल निजी कार्यों के लिए किया जा रहा हो।

दिल्ली में, BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले, दिल्ली में रजिस्टर्ड डीजल से चलने वाले मध्यम मालवाहक वाहनों (medium goods vehicles) की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड और BS-IV या उससे पुराने मानकों वाले डीजल से चलने वाले मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।

आयोग ने दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद तथा गौतम बुद्ध नगर जिलों में कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए ‘हाइब्रिड’ (मिश्रित) तरीके से कक्षाएं चलाने का निर्देश दिया है। इन क्षेत्रों के स्कूलों में, जहां भी ऑनलाइन पढ़ाई संभव है, वहां फिजिकल (स्कूल में आकर) और ऑनलाइन दोनों तरीकों से कक्षाएं चलाई जाएंगी।

जहां भी ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, वहां ऑनलाइन कक्षाएं लेने का विकल्प छात्रों और उनके अभिभावकों के पास होगा। NCR राज्यों की सरकारें इस क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी प्राइमरी स्कूल के छात्रों के लिए इसी तरह की हाइब्रिड व्यवस्था लागू करने पर विचार कर सकती हैं।

दफ्तरों के संबंध में, CAQM ने दिल्ली सरकार और NCR राज्यों की सरकारों से कहा है कि वे सरकारी, नगर निगम और निजी दफ्तरों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति देने पर फैसला लें, जबकि बाकी कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) करने की छूट दी जाए। केंद्र सरकार अपने दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ की व्यवस्था लागू करने पर अलग से निर्णय ले सकती है।

स्टेज III के तहत नागरिकों के लिए जारी दिशा-निर्देशों में लोगों को सलाह दी गई है कि वे कम दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें, परिवहन के अधिक स्वच्छ साधनों का उपयोग करें, छोटी-छोटी यात्राओं को एक साथ मिलाकर करें और अनावश्यक यात्राओं से बचें।

लोगों को यह भी सलाह दी गई है कि वे ऐसे निजी आयोजनों को टाल दें जिनसे ट्रैफिक जाम बढ़ सकता है या लोग बाहर प्रदूषण के संपर्क में आ सकते हैं। आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड से बचने के लिए कोयला या लकड़ी न जलाएं। घर के मालिकों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा गार्डों और अन्य कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराएं, ताकि लकड़ी, बायोमास और नगरपालिका के ठोस कचरे को खुले में जलाने से रोका जा सके।

CAQM ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, परिवहन विभाग, पुलिस, जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों और निर्माण एजेंसियों सहित सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे चरण I, II और III के तहत लागू प्रतिबंधों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

https://commons.wikimedia.org/wiki/File:Road_in_New_Delhi_04.jpg
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