दिल्ली में केसीपी का एक प्रमुख कमांडर गिरफ्तार; मणिपुर में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त

नयी दिल्ली,  सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान में प्रतिबंधित मणिपुरी उग्रवादी संगठन कांगलेइपक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) के प्रमुख कमांडर हाओबिजाम दिलीप सिंह को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवर को यह जानकारी दी।

            यह अभियान दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ  मणिपुर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा चलाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि उससे पूछताछ के आधार पर  सुरक्षा बलों ने मणिपुर के काकचिंग जिले में एक छापेमारी अभियान चलाया  जिसके परिणामस्वरूप भारी मात्रा में हथियार  गोला-बारूद और विस्फोटक जब्त किए गए। उन्होंने बताया कि हाओबिजाम प्रतिबंधित संगठन का एक प्रमुख सदस्य माना जाता है  वह गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक दर्जन से अधिक मामलों में वांछित था।

           अधिकारियों के अनुसार  हाओबिजाम एक  गुप्त बैठक  के लिए दिल्ली आया था  जिसके चलते केंद्रीय एजेंसियों ने इस बात की जांच शुरू कर दी कि क्या राष्ट्रीय राजधानी भी इस विद्रोही समूह के निशाने पर थी। सूत्रों के अनुसार  जांचकर्ता उसकी गतिविधियों  संपर्कों और दिल्ली यात्रा के उद्देश्य की जांच कर रहे हैं। हाओबिजाम की गिरफ्तारी के संबंध में आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।

           काकचिंग में जब्त किए गए हथियारों में एक एके-56 राइफल  एक अमोघ राइफल  एक एआई राइफल और एक स्कोप लगी एम4 राइफल शामिल है। उन्होंने बताया कि आईएनएसए  एके  एसएलआर  एम4 और लाइट मशीन गन (एलएमजी) राइफलों की कई खाली मैगज़ीन भी जब्त की गईं।

           इस अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने 51 उच्च विस्फोटक बम  दो पैरा बम  11 डेटोनेटर और चार लेथोड गोले भी बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से अमोघ  इंसास  एके  .303 और एसएलआर गोला-बारूद सहित विभिन्न कैलिबर के लगभग 2 000 कारतूस भी जब्त किए गए।

           उन्होंने बताया कि हथियारों और विस्फोटकों के अलावा  सुरक्षा बलों ने विभिन्न रंगों के बैग  एक तिरपाल की चादर  प्लास्टिक बैग और एयरटेल और जियो सिम कार्ड से लैस एक रेडमी 13सी मोबाइल फोन बरामद किया।

           अधिकारियों को संदेह है कि जब्त किए गए हथियार और विस्फोटक मणिपुर और अन्य जगहों पर बड़े पैमाने पर हिंसक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते थे।

           सूत्रों के अनुसार  केंद्रीय एजेंसियां ​​अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या दिल्ली या किसी अन्य महानगर से जुड़ी कोई बड़ी साजिश थी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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