प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनका उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। नवरात्रि के ठीक बाद माँ अम्बा की पवित्र भूमि पर बोलते हुए, उन्होंने महिलाओं, बच्चों, किसानों और पशुपालकों के लिए कई पहलों की शुरुआत की। साथ ही, उन्होंने देशभर के करोड़ों छोटे किसानों के लिए ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की एक नई किस्त भी जारी की।किसानों और ‘अन्नदाताओं’ को ‘विकसित भारत’ के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने हमेशा उनके कल्याण और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि 2013-14 की तुलना में राष्ट्रीय कृषि बजट को पांच गुना से अधिक बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ छोटे किसानों के जीवन का एक अहम हिस्सा बन गई है। उन्होंने बताया कि गुजरात में 50 लाख से अधिक किसानों के खातों में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जमा की गई है, जिसमें बनासकांठा के लाखों किसान परिवारों के लिए लगभग 50 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज लगभग 10 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है।”यह रेखांकित करते हुए कि हाल के वर्षों में सरकारी नीतियों की बदौलत किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है या उनकी इतनी ही बचत हुई है, प्रधानमंत्री ने पांच प्रमुख उदाहरणों में से पहला उदाहरण देते हुए बताया कि ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ के तहत छोटे किसानों के बैंक खातों में लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। मोदी ने कहा कि छोटे किसान, खेती करने वाले समुदाय का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हैं। हमारी सरकार ने ऐसे छोटे किसानों की परवाह की है और ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ के जरिए उन्हें मदद पहुंचाई है।पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के बीच वैश्विक स्तर पर खाद की कीमतों में भारी उछाल का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी किसान-हितैषी सरकार ने किसानों को कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी से बचाया है। पीएम मोदी ने बताया कि सरकार ने इस पर लगभग 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने एमएसपी (MSP) से जुड़ा अपना वादा पूरा किया है। मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में गेहूं और धान के किसानों को एमएसपी के रूप में 24 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है।’पीएम फसल बीमा योजना’ के जरिए किसानों को मिले मजबूत सुरक्षा कवच का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 10 से 12 वर्षों में किसानों को फसल बीमा मुआवजे के रूप में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं। इसके साथ ही, ‘पीएम-कुसुम योजना’ के विस्तार के जरिए सिंचाई की लागत को कम करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लगभग 12 लाख सोलर पंप बांटे गए हैं, जिससे अतिरिक्त बिजली पैदा हुई है और लाखों किसानों को 80 करोड़ लीटर से अधिक डीजल खरीदने के खर्च से राहत मिली है। इन पांच प्रमुख योजनाओं और फैसलों से किसानों को कुल 50 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ या बचत हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि इन 50 लाख करोड़ रुपये ने देश के किसानों की आय बढ़ाई है और भारत में कृषि की क्षमता को मजबूत किया है।यह रेखांकित करते हुए कि कृषि एक परंपरा होने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का भी एक अहम हिस्सा है, प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने खेती और पशुपालन में विज्ञान और तकनीक को बड़े पैमाने पर शामिल किया है। उन्होंने ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) का उदाहरण देते हुए बताया कि इसने किसानों की उस पुरानी समस्या को हल कर दिया है, जिसमें उन्हें यह तय करने में मुश्किल होती थी कि उनके खेतों के लिए किस तरह की और कितनी खाद की जरूरत है। इससे पूरे देश में खेती के तरीकों का आधुनिकीकरण हुआ है। मोदी ने बताया कि आज देश के किसानों के पास 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड मौजूद हैं।यह मानते हुए कि मौसम के बदलते पैटर्न किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती हैं, प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को जलवायु के अनुकूल (क्लाइमेट-रेसिलिएंट) बीजों की नई किस्में उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। “हाल ही में… प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में, बीजों की लगभग तीन हजार नई किस्में किसानों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।”ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन को एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए, जिसमें ग्रामीण महिलाओं की बड़ी भागीदारी है, प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में डेयरी और पशुधन क्षेत्र में विज्ञान और तकनीक को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पशुओं की बेहतर नस्लें दूध उत्पादन बढ़ाती हैं, जबकि समय पर टीकाकरण और इलाज से बीमारियों के कारण होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। मोदी ने कहा, “यानी, अगर पशु स्वस्थ हैं, तो पशुपालन करने वाले मेरे भाइयों और बहनों की कमाई भी बढ़ेगी।”स्वदेशी पशुधन के संरक्षण और वैज्ञानिक प्रजनन को बढ़ावा देने में ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि बनासकांठा में बना नया रिसर्च सेंटर इस मिशन को और मजबूत करेगा। यह केंद्र गिर, साहीवाल और कांकरेज जैसी स्वदेशी गायों की नस्लों, तथा मेहसाणा, मुर्रा और जाफराबादी जैसी भैंसों की नस्लों के संरक्षण और उनकी गुणवत्ता में सुधार का काम करेगा। यह कांकरेज नस्ल के लिए देश की अपनी तरह की पहली सुविधा होगी।150 करोड़ वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है, जिससे 8 करोड़ से अधिक किसानों के पशुओं को मुफ्त टीकाकरण का लाभ मिला है। मोदी ने कहा, “इससे पशुपालक किसानों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।”डेयरी उत्पादन पर इन प्रयासों के स्पष्ट असर को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि गाय या भैंस से मिलने वाला औसत दैनिक दूध उत्पादन 2013-14 में 5 लीटर से कम था, जो आज बढ़कर लगभग 8 लीटर हो गया है। इससे भारत दुनिया में दूध उत्पादकता की सबसे तेज वृद्धि दर वाला देश बन गया है और ग्रामीण किसान परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत दूध उत्पादन के मामले में दुनिया में नंबर एक पर है।”प्रधानमंत्री ने पशुपालकों को दूध के साथ-साथ गोबर से भी कमाई करने में मदद करने के सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने बताया कि ‘बनास डेयरी’ जैसी संस्थाओं के सहयोग से गोबर और कृषि अवशेषों से बायोगैस, बायो-CNG और जैविक खाद बनाने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दो बायो-CNG संयंत्रों की आधारशिला भी रखी गई। उन्होंने पशुओं को स्वस्थ रखने, दूध उत्पादन बढ़ाने और गोबर का पूरी तरह से उपयोग सुनिश्चित करने के स्पष्ट उद्देश्य पर जोर दिया। मोदी ने कहा, “हम पशुपालन को केवल एक परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और गांवों को समृद्ध बनाने के एक सशक्त माध्यम के रूप में विकसित कर रहे हैं।”प्रधानमंत्री ने बताया कि ग्रामीण समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में एक व्यापक दृष्टिकोण के साथ काम किया है। उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र के बड़े विस्तार और इसमें सहकारी समितियों को बढ़ावा देने का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आपको यह जानकर खुशी होगी कि भारत से समुद्री खाद्य पदार्थों (सीफूड) का निर्यात दोगुने से भी अधिक हो गया है।” किसानों के लिए अतिरिक्त आय के एक प्रमुख स्रोत के रूप में मधुमक्खी पालन पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में शहद का उत्पादन दोगुना हो गया है। उन्होंने इस ‘मधु क्रांति’ को आगे बढ़ाने में महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों (Self-Help Groups) के बढ़ते योगदान की सराहना की। मोदी ने कहा, “आपको यह जानकर गर्व होगा कि हमारा देश प्राकृतिक शहद का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है।”प्रधानमंत्री ने याद किया कि 7 अक्टूबर, 2001 को पहली बार शपथ लेने के बाद, 7 अक्टूबर को ही उन्होंने सरकार के मुखिया के रूप में सेवा के 25 साल पूरे किए हैं। उन्होंने उस समय को याद किया जब उन्हें सरकारी दफ्तरों या फाइलों के बारे में कुछ भी पता नहीं था, फिर भी उन्हें हर गुजराती से अपार प्यार और मार्गदर्शन मिला। उन्होंने लोगों का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने एक गरीब परिवार के ऐसे व्यक्ति को—जिसके पूर्वजों ने कभी गांव का सरपंच बनने का सपना भी नहीं देखा था—पहले गुजरात और फिर पूरे देश की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “और प्यार से भी बढ़कर, हर एक गुजराती ने मुझे सिखाया है और सही रास्ते पर चलना सिखाया है।”प्रधानमंत्री ने कहा कि वे केवल दो सिद्धांतों को जानते थे—जनसेवा के माध्यम से देश की सेवा करना और गुजरात के विकास के जरिए देश का विकास करना—जबकि बाकी सब कुछ उन्होंने लोगों से ही सीखा है। उन्होंने अब तक जो कुछ भी हासिल किया है, उसका श्रेय उन्होंने देश के नागरिकों को दिया।मोदी ने कहा, “इसके लिए मैं जीवन भर आपका ऋणी रहूंगा और अपने जीवन के अंतिम क्षण तक आपकी सेवा में लगा रहूंगा।”प्रधानमंत्री ने बुजुर्ग नागरिकों को याद दिलाया कि 25 साल पहले इस क्षेत्र में पानी और बिजली की भारी किल्लत थी। उन्होंने बताया कि कैसे लोगों ने संसाधनों को बचाने की उनकी अपील पर ध्यान दिया और अपनी परिस्थितियों को पूरी तरह बदल दिया, जिससे वे पुरानी मुश्किलें अब केवल यादों में रह गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आग्रह किया, “आज मैं आपसे फिर वही बात कहूंगा कि हमें पानी बचाना है और बिजली बचानी है।”प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे नर्मदा के पानी और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों ने बनासकांठा की तस्वीर बदल दी है और वहां के आलू को विश्व प्रसिद्ध बना दिया है। साथ ही, बनास डेयरी ने सहकारी आंदोलन का विस्तार काशी और उसके आगे तक किया है। उन्होंने बताया कि फ्रेंच फ्राइज़ बनाने वाले प्लांट की क्षमता भी बढ़ाई गई है, ताकि अधिक मात्रा में आलू की खरीद की जा सके। मोदी ने कहा, “आलू किसानों के लिए यह एक बहुत बड़ी सुविधा है।”

प्रधानमंत्री ने फल और सब्जी उत्पादकों के लिए चल रहे ‘क्लस्टर विकास कार्यक्रम’ के बारे में विस्तार से बताया। इसके तहत आज टमाटर, आलू, मिर्च, अंगूर, केला, प्याज, संतरा, अनार और कोको के लिए 12 क्लस्टर मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को नए बाग लगाने और पुराने बागों को फिर से बेहतर बनाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “उत्तरी गुजरात को मिले दो क्लस्टरों से बनासकांठा और साबरकांठा के आलू किसानों को बहुत फायदा होगा।”प्रधानमंत्री ने आज गुजरात के विकास के लिए शुरू की गई कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने दो नई रेल सेवाओं – अहमदाबाद-वाराणसी साबरमती एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचाराजी-साबरमती मेमू (MEMU) ट्रेन – को हरी झंडी दिखाई।

इसके अलावा, अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार करते हुए गिफ्ट सिटी (GIFT City) और हवाई अड्डे को जोड़ने वाली मेट्रो परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। मोदी ने बताया, “अहमदाबाद-मेहसाणा राजमार्ग अब चार लेन से आठ लेन का होने जा रहा है।”प्रधानमंत्री ने राज्य के बच्चों के लिए शुरू की गई नई सामाजिक कल्याण सुविधाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पूरे गुजरात में 4,000 से अधिक आधुनिक आंगनवाड़ियों का उद्घाटन किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इससे लगभग 4 लाख बच्चों और गर्भवती माताओं को लाभ मिलेगा।”प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास की हर ऐसी कोशिश का मकसद एक ‘विकसित भारत’ का निर्माण करना है, क्योंकि आज देश का हर किसान, युवा, बहन और बेटी ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने अफ़सोस जताते हुए कहा कि कुछ लोगों को यह तरक्की पसंद नहीं है और वे चाहते हैं कि देश मुश्किलों में फंसा रहे। मोदी ने कहा, “जब देश पर कोई संकट आता है, तो उन्हें खुशी होती है।”ईरान और खाड़ी देशों के आसपास चल रहे युद्ध का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि जब भारत एकजुट होकर इस स्थिति का सामना कर रहा था, तब कुछ लोगों ने किसानों के बीच खाद की कमी और महिलाओं के बीच गैस की आपूर्ति को लेकर अफवाहें फैलाईं। उन्होंने कहा कि इन लोगों की योजना देश में अफरा-तफरी मचाकर उन्हें बदनाम करने की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब भारत एकजुट होकर इस स्थिति से निपट रहा था, तब ये लोग लगातार अफवाहें फैला रहे थे।”किसानों को अपना यह पक्का वादा याद दिलाते हुए कि सरकार हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी, प्रधानमंत्री ने कहा कि चल रहे संघर्ष के बावजूद सरकार ने खेती से जुड़ी किसी भी सामग्री की कमी नहीं होने दी।प्रधानमंत्री ने बताया कि युद्ध के कारण दुनिया भर में खाद और कच्चे रसायनों की कीमतें बहुत बढ़ गई थीं। उन्होंने कहा कि सरकार ने भारतीय किसानों को इस बोझ से बचाया; यूरिया का एक बैग, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3,000 रुपये है, उसे भारत में 300 रुपये से भी कम कीमत पर उपलब्ध कराया गया।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5,000 रुपये से अधिक कीमत वाले DAP (डीएपी) के एक बैग को मात्र 1,350 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “देश यह मदद इसलिए दे रहा है ताकि हमारे किसान सशक्त बनें और उनका जीवन बेहतर हो सके।”प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का तीव्र विकास एक अनिश्चित दुनिया को नई उम्मीद देता है और इसके लिए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ मनाया जाता है, जिस दिन पूरा देश ‘रन फॉर यूनिटी’ (एकता के लिए दौड़) की भव्य तैयारियों के बीच एकता की प्रेरणा के साथ दौड़ता है।

मोदी ने कहा, “मैं सभी देशवासियों, विशेषकर अपने युवा साथियों से आग्रह करूंगा कि वे कल सुबह ‘रन फॉर यूनिटी’ में पूरे उत्साह के साथ भाग लें।”प्रधानमंत्री ने 31 अक्टूबर को एकता नगर में होने वाले वार्षिक ‘एकता उत्सव’ के कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साल का उत्सव कल शाम 5:30 बजे बहुत भव्य तरीके से मनाया जाएगा, जिसमें पुलिस और सुरक्षा बलों की परेड तथा झांकियां शामिल होंगी। उन्होंने कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से कामाख्या तक के सभी नागरिकों से इस कार्यक्रम में शामिल होने और सरदार पटेल को नमन करने का आग्रह किया, साथ ही ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, “इस आग्रह के साथ, आप सभी को विकास कार्यों के लिए एक बार फिर बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”https://x.com/narendramodi/status/2116081144051696019/photo/1

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