चंडीगढ़, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत की अध्यक्षता में 22 से 24 जुलाई तक आयोजित हो रही ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की 16वीं बैठक में विचारों का सार्थक आदान-प्रदान देखने को मिल रहा है जहां सभी सदस्य और सहयोगी देश अपने अनूठे दृष्टिकोण और अनुभव साझा कर रहे हैं।
बैठक से इतर पत्रकारों से बातचीत में पटेल ने कहा दो दिनों के दौरान हमने 11 सदस्य देशों और 10 सहयोगी देशों की मजबूत भागीदारी देखी है।
अधिकारियों के अनुसार इस सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य एवं साझेदार देशों के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी स्वास्थ्य सुरक्षा डिजिटल स्वास्थ्य तथा महामारी से निपटने की तैयारियों पर सहयोग को गहरा करने के लिए एक साथ आए हैं।
आयुष मंत्री एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव के साथ यहां पहुंचीं पटेल ने बताया कि बैठक में चर्चा के नौ प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं जिनमें टीबी अनुसंधान नेटवर्क डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण और हमारी पारंपरिक पूरक और एकीकृत चिकित्सा प्रणालियां शामिल हैं।
बृहस्पतिवार को आयोजित इस मंत्रिस्तरीय बैठक में दक्षिण अफ्रीका इंडोनेशिया बेलारूस मिस्र ईरान और रूस के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं।
पटेल ने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की कुल आबादी का 50 प्रतिशत हिस्सा हैं और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 40 प्रतिशत का योगदान देते हैं। ऐसे में इस मंच का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स देशों की ताकत को ठोस नतीजों में बदलना है।
ब्रिक्स देशों का यह समूह अब 11 पूर्ण सदस्य देशों ब्राजील चीन मिस्र इथियोपिया भारत इंडोनेशिया ईरान रूस सऊदी अरब दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एक अंतर-सरकारी संगठन बन चुका है।
कार्यक्रम के इतर रूस के प्रथम उप स्वास्थ्य मंत्री व्लादिमीर जेलेंस्की ने पत्रकारों से कहा भारत की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक से हम बेहद उत्साहित हैं जहां कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये जा रहे हैं। यहां डिजिटल स्वास्थ्य सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी की पहुंच टेलीमेडिसिन और टीकाकरण जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।
टेलीमेडिसिन का अर्थ है दूरसंचार और फोन वीडियो कॉल आदि के माध्यम से दूर-दराज़ के मरीजों को घर बैठे चिकित्सकों द्वारा परामर्श जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना।
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