नयी दिल्ली, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को घुसपैठ और अवैध प्रवासन को रोकने के लिए भारत-नेपाल की सीमा से लगे जिलों में कड़ी निगरानी समन्वित अंतर-एजेंसी कार्रवाई और सख्त वित्तीय जांच के निर्देश दिए।
शाह ने पूर्णिया में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान सामने आए मृतकों के मामलों का उचित प्रक्रिया के माध्यम से सत्यापित किया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने अधिकारियों से कहा ‘‘पुष्टि होने पर सटीकता सुनिश्चित करने और दुरुपयोग को रोकने के लिए यूआईडी डेटाबेस ड्राइविंग लाइसेंस पैन रिकॉर्ड और अन्य लागू सरकारी दस्तावेजों सहित संबंधित आधिकारिक अभिलेखों में आवश्यक विलोपन और अद्यतन किए जाएंगे।’’
उन्होंने सीमा प्रबंधन को मजबूत करने अवैध गतिविधियों के खिलाफ सतर्कता बढ़ाने और सीमावर्ती क्षेत्रों के निकट अवैध निर्माण अवैध प्रवासन जाली मुद्रा नोट अतिक्रमण और अनधिकृत वित्तीय प्रवाह जैसी चिंताओं को दूर करने के लिए अंतर-एजेंसी कार्रवाई के समन्वय की जरूरत को रेखंकित किया।
बैठक में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया गया ताकि उन व्यक्तियों की पुष्टि की जा सके जिन्हें प्रवासी बताया गया है लेकिन सत्यापन के दौरान वे अनुपस्थित रहे साथ ही यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से सूची से न कटे।
शाह ने अवैध निर्माणों को विशेष रूप से वन और निर्जन क्षेत्रों में कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने ‘नो मैन्स लैंड’ के रूप में चिह्नित क्षेत्रों से अतिक्रमणों को तत्काल हटाने का आदेश दिया। अधिकारियों के मुताबिक गृह मंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी बैंकों जिनमें सहकारी बैंक भी शामिल हैं द्वारा कानूनी और वित्तीय अनुपालन सुनिश्चित करने की बढ़ी हुई जिम्मेदारी सौंपी।
उन्होंने बताया कि शाह ने कहा कि सभी बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किए गए अनुपालन का पालन करना होगा जिसमें उच्च मूल्य के नकद लेनदेन की सूचना देना और बैंक खातों के साथ पैन को लिंक करना शामिल है। शाह ने कहा कि मुख्य सचिव अनुपालन की समीक्षा करेंगे विशेष रूप से सहकारी बैंकों के संबंध में।
केंद्रीय गृह मंत्री ने उच्च मूल्य की संपत्ति के लेन-देन की जानकारी न देने या गलत जानकारी देने या निर्धारित मानदंडों से परे नकद लेन-देन से जुड़े उल्लंघनों के लिए उप-पंजीयक कार्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के मुताबिक शाह ने कहा कि राज्य सरकार एसएलबीसी में इस मुद्दे को उठाएगी और भारतीय रिजर्व बैंक के साथ सीमावर्ती सभी बैंक शाखाओं में नोट छांटने वाली मशीनों की स्थापना का मुद्दा उठाएगी साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्याप्त बैंकिंग पहुंच सुनिश्चित करेगी।
अधिकारियों के मुताबिक शाह ने आदेश दिया है कि जिलाधिकारी प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सत्यापन करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वित्तपोषण के स्रोत वैध हैं और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े नहीं हैं। एक अधिकारी ने कहा कि संदिग्ध तत्वों द्वारा संपत्ति की खरीद के मामलों में वित्तपोषण के स्रोत क्रय क्षमता और पैन विवरण की गहन जांच की जाएगी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common