भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर संसद में बातचीत और चर्चा में शामिल न होने का आरोप लगाया और कहा कि इसके बजाय वे हर दिन कोई नया मुद्दा उठाकर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की राजनीति कर रहे हैं।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि गांधी ने पहले नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) पर चर्चा की मांग की और जब सरकार चर्चा के लिए तैयार हुई, तो उन्होंने राम मंदिर का मुद्दा उठा दिया।
उन्होंने कहा कि इसके बाद गांधी ने जंतर-मंतर की घटना पर केंद्रीय गृह मंत्री से बयान की मांग की।नड्डा ने आरोप लगाया कि अब जब सरकार जंतर-मंतर के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, तो गांधी चर्चा से भाग रहे हैं और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने सवाल किया कि जब गृह मंत्री हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं, तो गांधी चर्चा से क्यों बच रहे हैं।नड्डा ने कहा कि सरकार का इतिहास बताता है कि वह हमेशा संसद में हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार रही है।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मुद्दे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष ने चर्चा की मांग की थी, जो हुई भी।उन्होंने आरोप लगाया कि जब SIR पर चर्चा का जवाब देने की सरकार की बारी आई, तो गांधी सदन से चले गए।नड्डा ने कहा, “यह उनकी राजनीति का रिकॉर्ड है – मुद्दा उठाओ, भ्रम फैलाओ और फिर भाग जाओ।”केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने झारखंड के हालात को लेकर भी गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए कंटीले तारों, लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नड्डा ने सवाल किया कि क्या गांधी झारखंड के युवाओं की आवाज़ नहीं सुन पा रहे हैं या इसलिए चुप हैं क्योंकि राज्य में उनकी पार्टी की सहयोगी पार्टी सत्ता में है।उन्होंने कांग्रेस पर अराजकता फैलाने, भ्रम पैदा करने और जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाया।नड्डा ने गांधी को सदन में आकर चर्चा में शामिल होने की चुनौती दी और कहा कि… सरकार बहस के लिए तैयार थी। नड्डा ने कहा, “सदन में आइए, हम चर्चा के लिए तैयार हैं और आपको माकूल जवाब दिया जाएगा।”https://en.wikipedia.org/wiki/Rahul_Gandhi#/media/File:Rahul_Gandhi.png