नयी दिल्ली ‘वेपिंग’ विरोधी एक समूह ने बृहस्पतिवार को ‘वेप्स’ और ‘ई-सिगरेट’ के खिलाफ अभियान शुरू किया और आरोप लगाया कि बहुराष्ट्रीय तम्बाकू कंपनियां भारत में इन उत्पादों पर मौजूदा प्रतिबंध को दरकिनार करने का प्रयास कर रही हैं। मदर्स अगेंस्ट वेपिंग (एमएवी) माताओं का एक समूह है जो वेप्स (बैटरी से चलने वाले डिवाइस के जरिए निकोटिन युक्त कश खींचना/धूम्रपान करना) ई-सिगरेट हीट-नॉट-बर्न डिवाइसेज और निकोटीन पाउच जैसे निकोटीन वितरण उत्पादों का विरोध करता है। समूह ने एक बयान में कहा कि उसने एक अध्ययन के आधार पर अपना ‘कृपया इसे रोकें’ अभियान शुरू किया है जिसमें तम्बाकू कंपनियों पर भारत में इन उत्पादों पर वर्तमान प्रतिबंध को दरकिनार कर छिपे हुए एजेंडा और रणनीतियों को अपनाने का आरोप लगाया गया है। अध्ययन में दावा किया गया है कि इन उत्पादों के निर्माता नीतियों को प्रभावित करते हैं और जनता की राय बदलते हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common