केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जर्मनी (22–24 अक्टूबर 2026) और नीदरलैंड (24–27 अक्टूबर 2026) की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को गहरा करना, द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करना और औद्योगिक तथा तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाना है।बर्लिन की यात्रा के दौरान, पीयूष गोयल ‘बर्लिन ग्लोबल डायलॉग’ में हिस्सा लेंगे। वे अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माताओं और वैश्विक व्यापार जगत के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे, जिसमें वे भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता (macroeconomic stability), विनिर्माण क्षमताओं और मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (global supply chains) बनाने में भारत की अहम भूमिका पर प्रकाश डालेंगे।
इस शिखर सम्मेलन के दौरान, मंत्री जर्मनी के आर्थिक मामलों और ऊर्जा मंत्री (BMWE) के साथ-साथ जर्मनी के फेडरल चांसलरी में आर्थिक और वित्तीय नीति सलाहकार तथा G7/G20 शेरपा के साथ उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश गलियारों को मजबूत करने, एडवांस्ड इंजीनियरिंग, ग्रीन मोबिलिटी और क्लीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को तेज करने, तथा भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की चल रही बातचीत से मिलने वाले बाजार पहुंच और निवेश के अवसरों पर चर्चा की जाएगी। नीदरलैंड्स की अपनी यात्रा के दौरान, पीयूष गोयल हेग में व्यापक सरकारी (G2G) वार्ताओं का नेतृत्व करेंगे। वे आर्थिक मामलों और जलवायु मंत्री तथा विदेश व्यापार और विकास सहयोग मंत्री के साथ द्विपक्षीय मंत्रिस्तरीय बैठकें करेंगे, ताकि व्यापार के नए रास्ते खोलने और ‘ग्रीन ट्रांजिशन’ (पर्यावरण-अनुकूल बदलाव) की पहलों पर चर्चा की जा सके।
इस यात्रा में नॉर्थ हॉलैंड के ‘किंग्स कमिश्नर’ और डच संसद की विदेश व्यापार तथा यूरोपीय मामलों की समितियों के सदस्यों के साथ भी महत्वपूर्ण चर्चाएं होंगी।जर्मनी और नीदरलैंड्स की इस यात्रा में पीयूष गोयल के साथ लगभग 100 व्यवसायों और स्टार्टअप्स के प्रतिनिधि शामिल होंगे। मंत्री के साथ जाने वाले इस भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का बर्लिन में एक अलग कार्यक्रम भी होगा, जिसमें जर्मन CEO और भारतीय व्यापार प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी ‘राउंडटेबल’ (गोलमेज बैठकें) आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में ऑटोमोटिव, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा; सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेवाएं; एग्री-फूड, उपभोक्ता सामान और टेक्सटाइल; तथा हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स और वेलनेस जैसे क्षेत्रों पर चर्चा होगी।
यह प्रतिनिधिमंडल ‘जर्मनी ट्रेड एंड इन्वेस्ट’ (GTAI) के साथ ‘भारत-जर्मनी इन्वेस्टमेंट राउंडटेबल’ में भी हिस्सा लेगा, जिसमें जर्मनी में निवेश करने और वहां अपना कामकाज शुरू करने पर बातचीत होगी। इसके अलावा, वे जर्मनी के इनोवेशन और रिसर्च संस्थानों तथा थिंक टैंकों के साथ औद्योगिक बदलाव, डीप-टेक, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, कौशल विकास, और भारत-जर्मनी व्यापार, निवेश तथा मजबूत सप्लाई चेन जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल 25 अक्टूबर 2026 को रॉटरडैम बंदरगाह का दौरा भी करेगा, ताकि वहां के लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को देखा जा सके। 26 अक्टूबर 2026 को, पीयूष गोयल…हेग में आयोजित ‘इंडिया-नीदरलैंड्स बिजनेस फोरम’ में, नीदरलैंड्स के विदेश व्यापार और विकास सहयोग मंत्री के साथ मिलकर, दोनों देशों के व्यवसायों को संबोधित करेंगे। बिजनेस फोरम के बाद छह अलग-अलग सेक्टरों पर राउंडटेबल चर्चाएं और B2B नेटवर्किंग होगी। इनमें एग्री-फूड और फूड प्रोसेसिंग; हाई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन; सस्टेनेबिलिटी और रिन्यूएबल एनर्जी; लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन कनेक्टिविटी; मैन्युफैक्चरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सामान; तथा सेवाएं और उनसे जुड़े अन्य सेक्टर शामिल होंगे।https://en.wikipedia.org/wiki/Piyush_Goyal#/media/File:Piyush_Goyal_crop.jpg