शहबाज शरीफ ने इमरान खान पर सेना प्रमुख के खिलाफ ‘ओछे’ अभियान में शामिल होने का आरोप लगाया

इस्लामाबाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को अपने पूर्ववर्ती इमरान खान पर थलसेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के खिलाफ ‘‘ओछे और दुर्भावनापूर्ण अभियान’’ में शामिल होने का आरोप लगाया।
शहबाज ने एक ट्वीट में कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष खान छद्म तरीके से सेना प्रमुख को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इमरान खान जनरल सैयद असीम मुनीर के खिलाफ ओछे और दुर्भावनापूर्ण अभियान चला रहे हैं। सेना प्रमुख को छद्म तरीके से हत्या के प्रयास की धमकी देने की उनकी चाल उजागर हो गई है।’’
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि खान सत्ता में वापस आने के लिए भयादोहन करने की तरकीब का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्र के प्रतीकों पर उनके व्यवस्थित रूप से हमले के विफल होने के बाद, वह हताश हैं और भयादोहन के हथकंडे का सहारा लेकर सत्ता में वापस आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि डराने-धमकाने, हिंसा और नफरत की उनकी राजनीति का समय खत्म हो चुका है।”
शरीफ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अत्यधिक निंदनीय कृत्यों के जरिए खुद को बेनकाब कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के लोग और राजनीतिक दल अपने सेना प्रमुख और सशस्त्र बलों के पीछे चट्टान की तरह खड़े हैं और उनकी प्रतिष्ठा, सम्मान और एकजुटता को कमजोर करने के किसी भी प्रयास और साजिश को विफल कर देंगे।’’
प्रधानमंत्री कार्यालय की मीडिया इकाई द्वारा साझा किए गए एक बयान के मुताबिक, शरीफ ने अधिकारियों को देश और विदेश में ऐसे दुर्भावनापूर्ण अभियानों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
बयान के मुताबिक, शहबाज ने कहा, ‘‘9 मई की घटना की साजिश रचने वालों, सूत्रधारों और संचालकों को एक स्पष्ट संदेश: पाकिस्तान और उसके प्रतिष्ठानों के खिलाफ सभी साजिशों को नाकाम कर दिया जाएगा।’’
खान को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के परिसर से गिरफ्तार किए जाने के बाद 9 मई को देश भर में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। सरकार ने बाद में खान की पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की और नागरिक तथा सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने के आरोप में हजारों लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
खान की गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थकों ने लाहौर कोर कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की।
पुलिस ने हिंसक झड़पों में मरने वालों की संख्या 10 बताई है, जबकि खान की पार्टी का दावा है कि सुरक्षाकर्मियों की गोलीबारी में उसके 40 कार्यकर्ताओं की जान चली गई।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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