सीडीएस रावत सेना के तीनों अंगों के बीच ‘आवश्यक समायोजन’ कर रहे थे: पूर्व सेना प्रमुख

कोलकाता, पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) शंकर रॉयचौधरी ने प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत को बेहतरीन सैन्य परिवार का एक बहुत अच्छा अधिकारी बताते हुए बुधवार को कहा कि वह (जनरल रावत) सेना के तीनों अंगों के बीच “आवश्यक सामंजस्य” स्थापित कर रहे थे।

रॉयचौधरी ने कहा कि जब वह भारतीय सैन्य अकादमी में बटालियन कमांडर थे, तब रावत उनके कैडेट में से एक थे। उन्हें “बहुत दुख” है कि यह दुर्घटना हुई।

कुछ समय के लिए जनरल रावत के पिता लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एल एस रावत के स्टाफ ऑफिसर रहे रॉयचौधरी ने कहा, “वह एक उज्ज्वल कैडेट थे और उन्होंने हमारी सभी उम्मीदों को पूरा किया।”

उन्होंने उनके साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहा, “वे एक अच्छा सैन्य परिवार थे।” उन्होंने कहा कि पहले सीडीएस के रूप में रावत तीन बलों – थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच “आवश्यक सामंजस्य” स्थापित करने के लिए अच्छा काम कर रहे थे।

नवंबर 1994 से सितंबर 1997 तक थल सेनाध्यक्ष रहे रॉयचौधरी ने कहा, “सीडीएस के रूप में, उनका (जनरल रावत का) काम सेना के तीनों अंगों के बीच मतभेदों को दूर करना था।”

उन्होंने कहा, “अगले सीडीएस को वरिष्ठता के आधार पर तीनों बलों के प्रमुखों में से चुनना होगा, और उन्हें उस पद के लिए भी उपयुक्त होना चाहिए।”

तमिलनाडु में बुधवार को कुन्नूर के पास एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और 11 अन्य रक्षा कर्मियों की मृत्यु हो गई। वह स्टाफ कोर्स के संकाय और छात्र अधिकारियों को संबोधित करने रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन के दौरे पर थे।

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का फिलहाल वेलिंग्टन के एक सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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