मिश्रित सिंथेटिक कपड़ा क्षेत्र में कमजोरी से परिधान निर्यात पर असरः रिपोर्ट

नयी दिल्ली, विकसित देशों में मिश्रित सिंथेटिक्स से बने कपड़ों की मांग बढ़ने के बीच भारतीय परिधान उद्योग के इस मोर्चे पर कमजोर होने से वैश्विक निर्यात में हिस्सेदारी घटी है। एक रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया है।  शोध संस्थान ‘ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव’ (जीटीआरआई) ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि कमजोर सिंथेटिक्स के कारण भारत का परिधान उद्योग सही तरह से आगे नहीं बढ़ पा रहा है।  इसके मुताबिक, सिंथेटिक्स ने कपास को पीछे छोड़ दिया है और अब यह फैशन उद्योग का पसंदीदा बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘विकसित देशों द्वारा खरीदे जाने वाले 70 प्रतिशत कपड़े मिश्रित सिंथेटिक्स से बने होते हैं। लेकिन भारतीय निर्यात में उनकी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से कम है और यही भारत के कमजोर परिधान निर्यात का प्रमुख कारण है।’’  जीटीआरआई ने कहा कि अब अधिकांश औपचारिक, खेल एवं फैशन परिधानों में सिंथेटिक कपड़ों का उपयोग होता है। वे टिकाऊ होते हैं, फीके नहीं पड़ते हैं और ऊन, कपास या रबड़ के साथ उनका आसानी से मिश्रण किया जा सकता है।  विश्वस्तर पर कपास से बने कपड़ों की बिक्री बसंत और गर्मियों के मौसम में अधिक होती है जबकि सिंथेटिक्स और मिश्रण वाले कपड़े शरद ऋतु और सर्दियों के मौसम में अधिक बिकते हैं।  रिपोर्ट कहती है कि सूती परिधान बनाने के लिए भारतीय कारखाने साल में छह महीने चलते हैं। लेकिन उसे पूरे साल की निर्धारित लागत का किराया, न्यूनतम कर्मचारियों के लिए वेतन,…

न्यूजक्लिक संस्थापक की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए बोर्ड गठित करने का एम्स को निर्देश

नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का मंगलवार को निर्देश दिया।   पुरकायस्थ फिलहाल गैर-कानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं।  न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने एम्स के निदेशक को एक बोर्ड गठित करने तथा दो सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा।  शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘…इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यह उचित होगा कि एम्स निदेशक की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड (पुरकायस्थ की) चिकित्सा स्थिति की जांच करे। बोर्ड याचिकाकर्ता के जेल रिकॉर्ड और संपूर्ण चिकित्सा इतिहास पर भी विचार करेगा।’’  यह निर्देश उस वक्त आया जब पुरकायस्थ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल की चिकित्सा स्थिति के बारे में जेल अधिकारियों द्वारा दायर रिपोर्ट सही नहीं है।  दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुरकायस्थ और समाचार पोर्टल के मानव संसाधन (एचआर) विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती की गिरफ्तारी एवं पुलिस हिरासत के खिलाफ दायर याचिकाओं को 13 अक्टूबर को खारिज कर दिया था।  दोनों को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।  मामले में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक,…

गाजा में संघर्ष गंभीर चिंता का विषय : विदेश मंत्री जयशंकर

नयी दिल्ली, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि गाजा में संघर्ष बेहद चिंता का विषय है और इससे उत्पन्न मानवीय संकट के लिए एक स्थायी समाधान की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने सात अक्टूबर को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि “आतंकवाद और बंधक बनाना” अस्वीकार्य है। विदेश मंत्री ने जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 55वें सत्र में अपने डिजिटल वक्तव्य में यह टिप्पणी की।  उन्होंने कहा, “संघर्षों से उत्पन्न होने वाले मानवीय संकटों के लिए एक स्थायी समाधान की आवश्यकता होती है जो सबसे अधिक प्रभावित लोगों को तत्काल राहत दे।” जयशंकर ने कहा, “साथ ही, हमें स्पष्ट होना चाहिए कि आतंकवाद और बंधक बनाना अस्वीकार्य है। यह भी कहने की जरूरत नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए।”मंत्री ने भारत की लंबे समय से चली आ रही स्थिति को भी दोहराया कि फिलिस्तीन मुद्दे का दो-राज्य समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि संघर्ष क्षेत्र के भीतर या बाहर न फैले।”  जयशंकर ने कहा, “और प्रयासों में दो-राष्ट्र समाधान की तलाश पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए जहां फलस्तीनी लोग सुरक्षित सीमाओं के भीतर रह सकें।” क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट…

प्रधानमंत्री ने वाराणसी में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं…

दिल्ली उच्च न्यायालय ने महरौली में ध्वस्त मस्जिद में शब-ए-बारात की अनुमति देने से इनकार कर दिया

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शहर के महरौली इलाके में हाल ही में ध्वस्त की गई 600…

मनीष सिसौदिया को उनके खिलाफ लगाए गए पीएमएलए के कारण जमानत देने से इनकार कर दिया गया : आतिशी

दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली…

पिता के बारे में सवाल पूछे जाने से तंग आ गयी हूं: संघमित्रा

बदायूं (उप्र), समाजवादी पार्टी (सपा) से इस्‍तीफा देकर हाल ही में राष्‍ट्रीय शोषित समाज पार्टी का…

एमवीए के नेताओं ने शिंदे सरकार पर मराठा, ओबीसी समुदायों को गुमराह करने का आरोप लगाया

मुंबई, महाराष्ट्र में विपक्षी ‘महा विकास आघाडी’ (एमवीए) के घटक दलों के विधायकों ने सोमवार को…

एसकेएम के आह्वान पर किसानों ने राजमार्गों के किनारे ट्रैक्टर खड़े करके प्रदर्शन किया

अमृतसर/होशियारपुर/हिसार, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले किसानों ने कृषि क्षेत्र को विश्व व्यापार संगठन…

शाहजहां शेख को सात दिनों में गिरफ्तार किया जाएगा: टीएमसी प्रवक्ता

कोलकाता, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के संदेशखालि में यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोपी पार्टी नेता शाहजहां शेख को सात दिन में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। टीएमसी नेता का यह बयान कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के तुरंत बाद आया है कि शाहजहां की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है।  घोष ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘शेख शाहजहां की गिरफ्तारी के बारे में अभिषेक बनर्जी की बात सही है। मामला अदालत के कानूनी पचड़े में फंसा हुआ था। विपक्ष इस मौके का फायदा उठाकर राजनीति कर रहा था। मामले को स्पष्ट करने और पुलिस को कार्रवाई की आज इजाजत देने के लिए उच्च न्यायालय को धन्यवाद। शाहजहां को सात दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’’  टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को दावा किया था कि कानूनी उलझनों और पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी पर रोक के कारण शाहजहां को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।  अदालत ने निर्देश दिया कि शाहजहां, प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, राज्य के गृह सचिव को महिलाओं के यौन उत्पीड़न और आदिवासियों की जमीन हड़पने के आरोपों पर स्वत: संज्ञान लेकर शुरू किये गए मामले में पक्षकार बनाया जाए।  कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर, सुंदरबन की सीमा पर स्थित नदी तटीय संदेशखालि क्षेत्र में फरार शाहजहां और उसके समर्थकों के खिलाफ एक महीने से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन किये जा रहे हैं।  गत पांच जनवरी को संदेशखालि में शेख के आवास पर छापेमारी के लिए गई ईडी टीम पर भीड़ द्वारा हमला किया गया था। शेख तब से फरार है। शाहजहां और उसके समर्थकों के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने और यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर संदेशखालि में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। क्रेडिट…